अभिजीत सिंह राजपूत हत्याकांड: रिमांड पर आर्यन से दूसरे दिन भी पूछताछ, मोहित पाठक गिरफ्तार; पिस्टल और ईयरबड्स बरामद
सहरसा के सदर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित अभिजीत सिंह राजपूत हत्याकांड की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। रिमांड पर लिए गए मुख्य आरोपी आर्यन सिंह से दूसरे दिन भी सदर थाना पुलिस ने घंटों पूछताछ की। पूछताछ में मिले इनपुट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। वहीं, पहले हिरासत में लिए गए मोहित पाठक को पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
### कोकोनट गार्डन के पास से पिस्टल और ईयरबड्स बरामद
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी की निशानदेही पर कोकोनट गार्डन के समीप से एक पिस्टल बरामद की गई है। इसके साथ ही मृतक का ब्लूटूथ ईयरबड भी जब्त किया गया है। इससे पहले सदर एसडीपीओ पंकज कुमार सिंह की मौजूदगी में घटनास्थल की जांच के दौरान दो खोखा और स्मैक तौलने वाली वेट मशीन भी बरामद की गई थी।
अब जांच टीम हत्या से पहले और बाद की गतिविधियों, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल कर रही है।
### आर्थिक एंगल पर भी गहराई से जांच
जांच में आर्थिक पहलू भी महत्वपूर्ण बनकर उभरा है। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक, घटना के समय मृतक के पास लाखों रुपये नकद थे, जो हत्या के बाद से गायब बताए जा रहे हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हत्या के पीछे आर्थिक लाभ या रुपये के लेनदेन का कोई संबंध तो नहीं था।
गौरतलब है कि सुपौल जिले के बरुआरी निवासी 24 वर्षीय अभिजीत सिंह राजपूत का शव सहरसा के गौतम नगर-गंगजला स्थित एक बंद घर से बरामद हुआ था, जिसके बाद यह मामला पूरे कोसी क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।
### डीआईजी से मिले परिजन, निष्पक्ष जांच की मांग
मृतक के भाई अनंत कुमार समेत परिजनों ने कोसी क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) को आवेदन देकर निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि हत्या में सीधे शामिल लोगों के साथ-साथ पर्दे के पीछे से साजिश रचने और सहयोग करने वालों की भी पहचान कर कार्रवाई की जाए।
### सीसीटीवी, कॉल डिटेल और गवाहों की सुरक्षा की मांग
परिजनों ने आवेदन में घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा जैसे वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज करने की मांग की है। साथ ही आरोपियों को भगाने या छिपाने में मदद करने वालों पर भी कार्रवाई करने की अपील की है।
पीड़ित परिवार ने गवाहों और परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जांच की प्रगति की नियमित जानकारी उपलब्ध कराने की भी मांग की है।