सहरसा में बंद कमरे से शव बरामद, हत्या कांड का 24 घंटे में खुलासा; मुख्य आरोपी गिरफ्तार
सहरसा। सदर थाना क्षेत्र के बाबाजी चौक स्थित एक बंद कमरे से अभिजीत सिंह का शव बरामद होने के मामले का पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने हत्या के मुख्य अभियुक्त आर्यन कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, 18 सितंबर 2026 को सूचना मिली थी कि बाबाजी चौक स्थित एक बंद कमरे में किसी व्यक्ति का शव पड़ा है। सूचना पर सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक की पहचान अभिजीत सिंह, पिता स्व. हर्षवर्धन सिंह, निवासी गौतम नगर वार्ड नंबर 15/17, सहरसा के रूप में हुई।
घटनास्थल का निरीक्षण अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर तथा एफएसएल टीम द्वारा भी किया गया। मृतक के भाई अनंत कुमार के फर्दबयान के आधार पर सदर थाना कांड संख्या 1155/2026, दिनांक 19.09.2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान एवं छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी एवं मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्त आर्यन कुमार सिंह, पिता स्व. मुन्ना सिंह, निवासी बरूआरी वार्ड नंबर 08, थाना लोकहा, जिला सुपौल को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने घटना के पीछे स्मैक के बकाया पैसे को लेकर हुए विवाद की बात बताई है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों और हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। अभिजीत सिंह राजपूत हत्याकांड के उद्भेदन और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए एसपी सहरसा के निर्देशन में एसडीपीओ सदर के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था।
पुलिस के अनुसार, मानवीय और तकनीकी सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने मामले में नामजद आरोपी आर्यन कुमार सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक आर्यन ने बताया कि वह और मृतक अभिजीत सिंह राजपूत दोस्त थे। दोनों एक जन्मदिन की पार्टी से लौटने के बाद अभिजीत के घर पर ही सोए थे। करीब चार बजे आर्यन की नींद खुली और वह अपने दोस्त मोहित पाठक को लेने गया। पुलिस के अनुसार, आर्यन और मोहित अपने साथ पिस्टल लेकर वापस आए थे। पुलिस का कहना है कि 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा के कारण वहां मौजूद हथियारों की सफाई और पूजा की गई। कुल चार पिस्टल वहां रखे गए थे। इसके बाद तीनों ने कथित तौर पर स्मैक का सेवन किया। इसी दौरान स्मैक के बकाया पैसे को लेकर अभिजीत और आर्यन के बीच विवाद हो गया।
पुलिस के मुताबिक विवाद बढ़ने पर अभिजीत ने आर्यन पर गोली चलाई, लेकिन गोली उसे नहीं लगी। इसके बाद आर्यन और मोहित ने कथित तौर पर अभिजीत को बेड पर गिराकर उसके हाथ से पिस्टल छीन ली और उसी हथियार से गोली मार दी। पुलिस के अनुसार मृतक अभिजीत सिंह राजपूत का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज थे। पुलिस ने उसके कथित रूप से नशीले पदार्थ के कारोबार से जुड़े होने की भी बात कही है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान आर्यन कुमार सिंह, उम्र करीब 25 वर्ष, पिता स्वर्गीय मुन्ना सिंह, निवासी बरवानी वार्ड नंबर 8, थाना लोकहा, जिला सुपौल, वर्तमान पता पंचवटी वार्ड नंबर 17, सहरसा के रूप में हुई है। पुलिस अब इस हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और घटना में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी को लेकर जांच कर रही है। एसडीपीओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि मामले में जल्द ही और भी खुलासा होने की संभावना है। फिलहाल एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि दूसरे आरोपियों और हथियार की तलाश जारी है। अब देखना होगा कि पुलिस की आगे की जांच में इस हत्याकांड से जुड़े और कौन-कौन से राज सामने आते हैं।
पुलिस टीम में शामिल:
- पुलिस निरीक्षक सह सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान
- सशस्त्र बल, सदर थाना
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