WPU सेंटर बना नशेड़ियों का अड्डा, ताले तोड़कर घुस रहे असामाजिक तत्व; आग लगने का खतरा
शंकरपुर। मधेपुरा जिले के शंकरपुर प्रखंड की बेहरारी ग्राम पंचायत में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत स्थापित अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई (WPU) इन दिनों असामाजिक तत्वों का अड्डा बनती जा रही है। असामाजिक तत्वों द्वारा बार-बार केंद्र और शौचालयों के ताले तोड़े जाने से जहां स्वच्छता अभियान प्रभावित हो रहा है, वहीं परिसर में आग लगने का खतरा भी बना हुआ है।
रात में ताले तोड़कर घुसते हैं असामाजिक तत्व
स्वच्छता पर्यवेक्षक राजेश कुमार ने बताया कि असामाजिक तत्व प्रतिदिन रात में या मौका पाकर WPU सेंटर और वहां बने शौचालयों के ताले तोड़ देते हैं। सुबह जब स्वच्छता कर्मी कचरा संग्रहण और निस्तारण के लिए केंद्र पहुंचते हैं, तो परिसर और शौचालय के अंदर स्मैक की खाली पुड़िया, माचिस, लाइटर, पन्नी और सिगरेट के पैकेट बिखरे मिलते हैं।
उन्होंने बताया कि कई बार शौचालय और मुख्य दरवाजों के ताले बदले जा चुके हैं, लेकिन असामाजिक तत्व पीछे के गेट या खिड़कियों के ताले तोड़कर दोबारा परिसर में प्रवेश कर जाते हैं।
सूखे कचरे में आग लगी तो हो सकता है बड़ा हादसा
स्वच्छता पर्यवेक्षक ने WPU सेंटर में आग लगने की आशंका भी जताई है। उन्होंने बताया कि केंद्र में बड़ी मात्रा में सूखा कचरा, प्लास्टिक, कूट और मेडिकल अपशिष्ट जमा रहता है। ऐसे में नशे के लिए परिसर में सिगरेट या अन्य माध्यम से आग जलाने पर कचरे के ढेर में आग पकड़ सकती है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आग से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ बड़ा हादसा भी हो सकता है।
पुलिस से नियमित गश्ती की मांग
स्वच्छता कर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस विभाग से WPU सेंटर की नियमित गश्ती कराने तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने से स्वच्छता अभियान को सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा।
मामले को लेकर थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अब पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि WPU सेंटर में बार-बार घुसकर नुकसान पहुंचाने वाले लोगों की पहचान कब तक हो पाती है।