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Wednesday, September 30, 2026

CISF कैंप के अंदर AK-47 से फायरिंग, 4 जवानों की मौत: बिहार के हेड कांस्टेबल ने साथियों पर चलाई गोलियां, पत्नी-बच्चे को कैंप लाने को लेकर हुआ था विवाद

कठुआ में CISF कैंप के अंदर AK-47 से फायरिंग, 4 जवानों की मौत: बिहार के हेड कांस्टेबल ने साथियों पर चलाई गोलियां, पत्नी-बच्चे को कैंप लाने को लेकर हुआ था विवाद


कठुआ। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोहली के माश्का इलाके में स्थित सेवा हाइडल पावर प्रोजेक्ट के CISF कैंप में मंगलवार शाम गोलीबारी की घटना से हड़कंप मच गया। यहां तैनात एक CISF हेड कांस्टेबल ने कथित तौर पर सरकारी AK-47 राइफल से अपने ही साथियों पर फायरिंग कर दी। घटना में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे समेत चार CISF जवानों की मौत हो गई।

घटना के बाद कठुआ पुलिस ने आरोपी जवान अवधेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और CISF की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटना की वास्तविक वजह और फायरिंग से पहले हुए विवाद की पूरी परिस्थितियां जांच के बाद स्पष्ट होंगी।

शाम करीब 6:40 बजे ऑफिस में घुसा जवान

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार शाम करीब 6:40 बजे हुई। आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह अपनी सरकारी AK-47 राइफल लेकर ऑफिस में पहुंचा और वहां मौजूद जवानों पर फायरिंग कर दी।

बताया गया है कि आरोपी 2009 बैच का जवान है। फायरिंग में चार CISF कर्मियों की मौत हो गई। घटना के बाद कैंप में अफरा-तफरी मच गई और अन्य जवानों ने आरोपी को काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया।

बच्चे को कैंप में लाने को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अवधेश कुमार सिंह और उसकी पत्नी दोनों CISF में तैनात हैं। दोनों की ड्यूटी एक ही प्रोजेक्ट साइट पर अलग-अलग शिफ्ट में लगती थी। उनका छोटा बच्चा भी उनके साथ रहता था।

अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी होने के कारण जब एक पति-पत्नी ड्यूटी पर जाता था, तो बच्चा उसके साथ आता था और शिफ्ट खत्म होने पर दूसरे साथी को सौंप दिया जाता था। इसी वजह से बच्चे को बार-बार प्रोजेक्ट साइट पर लाने को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आरोपी और उसकी पत्नी को बच्चे को प्रोजेक्ट साइट पर नहीं लाने के लिए कहा गया था। घटना वाले दिन भी बच्चा एक साथी को सौंपने के लिए साइट पर लाया गया था। इसी बात की शिकायत कंपनी कमांडर और असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे से किए जाने के बाद विवाद बढ़ गया।

हालांकि, पुलिस और CISF की ओर से अभी तक फायरिंग के सटीक कारण और विवाद की पूरी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार की मौत

फायरिंग की घटना में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे की मौत हो गई। इसके अलावा सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल संजीव कुमार और कांस्टेबल मोहम्मद रफीक की भी जान चली गई।

घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पावर प्रोजेक्ट परिसर में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है।

CISF ने शुरू की आंतरिक जांच

घटना के बाद कठुआ पुलिस ने आरोपी जवान को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। CISF की ओर से भी मामले की आंतरिक जांच शुरू की गई है।

आरोपी ने जिस सरकारी AK-47 से फायरिंग की, उसमें करीब 150 राउंड गोलियां होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद किस तरह बढ़ा और फायरिंग की स्थिति कैसे बनी। घटना की वास्तविक वजह विभागीय और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।