बक्सर स्कूल कांड: ‘पास कराने’ के नाम पर नाबालिग छात्रा के शोषण का आरोप, प्रिंसिपल के बाद शिक्षक गिरफ्तार; दूसरे की तलाश जारी
बक्सर। डुमरांव प्रखंड के एक विद्यालय से नाबालिग छात्राओं के कथित यौन शोषण और आपत्तिजनक वीडियो से जुड़ा मामला सामने आने के बाद पुलिस और शिक्षा विभाग की कार्रवाई तेज हो गई है। मामले में विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को पहले गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी बताए जा रहे शिक्षक अरविंद कुमार को भी ब्रह्मपुर से गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दूसरे आरोपी शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
मामले में एक पीड़िता की मां के बयान पर कृष्णाब्रह्म थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस वायरल वीडियो, पीड़ित पक्ष के आरोपों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
वायरल वीडियो के बाद सामने आया मामला
मामले की शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक आपत्तिजनक वीडियो से हुई। विद्यालय से आठवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी कर चुकी एक लड़की ने आरोप लगाया कि शिक्षक अरविंद कुमार ने उसे सभी विषयों में पास कराने का झांसा दिया।
लड़की के अनुसार, शिक्षक ने पहले उससे फोन पर बातचीत और मिलने-जुलने के लिए कहा। इसके बाद कथित तौर पर उसे होटल ले जाया गया, जहां उसके साथ यौन अपराध किया गया और वीडियो बनाए जाने का आरोप है। लड़की ने आरोप लगाया कि वीडियो के जरिए उसे बाद में परेशान और ब्लैकमेल किया गया।
हालांकि, वायरल वीडियो और उसमें दिखाई दे रही लड़की से जुड़े सभी तथ्यों की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
जनवरी 2026 की घटना का आरोप
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां ने अपने आवेदन में घटना जनवरी 2026 की बताई है। परिजनों को कथित घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस से शिकायत की गई, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
मामले में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपितों की भूमिका क्या रही और वीडियो किस परिस्थिति में बनाया गया था।
प्रिंसिपल गिरफ्तार, शिक्षक अरविंद भी पुलिस की गिरफ्त में
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने गुरुवार देर शाम विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार को ब्रह्मपुर बाजार स्थित नंदिनी मॉल से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अरविंद कुमार से पूछताछ कर रही है। जांच टीम उससे मामले से जुड़े घटनाक्रम, वायरल वीडियो और अन्य आरोपों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
वहीं दूसरे आरोपी शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
वायरल वीडियो वाले कमरे की तलाश में होटलों में छापेमारी
मामले की जांच के लिए प्रभारी डीएसपी समीर कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई है। पुलिस ने विद्यालय पहुंचकर जांच की और ग्रामीणों से भी जानकारी जुटाई।
वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे कमरे की पहचान करने के लिए पुलिस ने डुमरांव शहर के अलग-अलग होटलों में भी छापेमारी की। जांच का एक अहम बिंदु यह पता लगाना है कि वीडियो वास्तव में कहां बनाया गया था।
दोनों आरोपी शिक्षकों को किया गया था निलंबित
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने भी कार्रवाई की। डुमरांव के बीईओ ने 31 अगस्त को जिला शिक्षा विभाग को जांच रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद दोनों आरोपी शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया।
निलंबन के बाद दोनों शिक्षकों को प्रखंड संसाधन केंद्र से संबद्ध किया गया है। विभाग की ओर से मामले में उनकी भूमिका और विद्यालय स्तर पर हुई कथित लापरवाही की भी जांच की जा रही है।
शिक्षा मंत्री ने बर्खास्तगी के दिए निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आरोपी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दोनों शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू करने और बक्सर डीएम को बर्खास्तगी का प्रस्ताव शिक्षा विभाग को भेजने का निर्देश दिया है।
मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को फरार आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के लिए भी त्वरित कार्रवाई करने को कहा है। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कराने की बात भी कही गई है।
प्रधानाध्यापक का शिक्षक पुरस्कार रोका गया
मामले के बाद प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को मिलने वाला राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026 भी रोक दिया गया है। शिक्षा विभाग ने उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई शुरू की है।
इसके अलावा डुमरांव के बीईओ को भी शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि मामले की जानकारी और शिकायतों के बावजूद निगरानी व्यवस्था में कहीं लापरवाही तो नहीं हुई।
आरोपी शिक्षक के प्रमाणपत्र पर भी सवाल
जांच के दौरान आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार के शिक्षक प्रशिक्षण प्रमाणपत्र से जुड़ा एक पुराना मामला भी सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में हुई विभागीय जांच में उसके प्रमाणपत्र को फर्जी पाए जाने की बात सामने आई थी।
इस पुराने मामले और वर्तमान प्रकरण के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं, यह भी जांच का विषय है।
करीब 12 छात्राओं के आरोप की चर्चा, पुलिस कर रही जांच
मामले के सामने आने के बाद करीब 12 नाबालिग छात्राओं के कथित यौन शोषण की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संख्या और सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
पुलिस अलग-अलग शिकायतों और सामने आए तथ्यों की जांच कर रही है। इसलिए छात्राओं की संख्या और उनसे जुड़े आरोपों को फिलहाल जांच के दायरे में ही माना जा रहा है।
देह व्यापार के आरोप पर एसपी ने क्या कहा?
मामले के बीच कुछ लोगों की ओर से विद्यालय से पास आउट छात्राओं से कथित देह व्यापार कराने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, बक्सर एसपी शुभम आर्य के अनुसार फिलहाल ऐसा कोई मामला पुलिस के संज्ञान में नहीं आया है।
एसपी ने कहा है कि जांच के दौरान यदि इस तरह के तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वायरल वीडियो में दिख रही लड़की को लेकर भी जांच
प्रधानाध्यापक की ओर से दिए गए प्रतिवेदन में दावा किया गया है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही लड़की विद्यालय में अध्ययनरत छात्रा नहीं है। हालांकि, पुलिस इस दावे की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।
पुलिस वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रही लड़की की पहचान और विद्यालय से उसके संबंध समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने उठाई कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी आक्रोश है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने विद्यालय पहुंचकर विरोध जताया। इसके बाद पुलिस और शिक्षा विभाग की कार्रवाई तेज हुई।
राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी आरोपित शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मामले की त्वरित सुनवाई की मांग की है। आम आदमी पार्टी की ओर से डीएम को ज्ञापन देकर शिक्षकों की बर्खास्तगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की गई।
आरवाईए नेताओं ने भी विद्यालय पहुंचकर शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों से जानकारी ली। संगठन की ओर से दोनों आरोपी शिक्षकों की तत्काल गिरफ्तारी और आरोप सत्य पाए जाने पर पॉक्सो एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस के सामने कई अहम सवाल
मामले की जांच में पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। इनमें वायरल वीडियो कहां बनाया गया, वीडियो में दिखाई दे रही लड़की कौन है, उसका विद्यालय से क्या संबंध है, आरोपित शिक्षकों की वास्तविक भूमिका क्या रही और अन्य छात्राओं से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है—इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस वायरल वीडियो के अलावा प्रत्यक्ष और तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बना रही है।
जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
डुमरांव स्कूल कांड में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। फिलहाल प्रधानाध्यापक गिरफ्तार हैं और आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार को भी पुलिस ने पकड़ लिया है, जबकि दूसरे आरोपी शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद की तलाश जारी है।
पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, वहीं शिक्षा विभाग की ओर से निलंबन, बर्खास्तगी और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।