75 हजार रिश्वत लेते BDO रंगेहाथ गिरफ्तार, 24 घंटे पहले पूर्व मुखिया को भेजा था जेल
बांका: पटना से आई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने मंगलवार सुबह बांका में बड़ी कार्रवाई करते हुए फुल्लीडूमर प्रखंड के BDO अमित प्रताप सिंह को 75 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई बांका शहर के नेहरू कॉलोनी स्थित BDO के निजी आवास पर की गई। गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम BDO और मौके पर मौजूद उनके मामा बच्चन प्रसाद सिंह को बांका परिसदन ले गई, जहां दोनों से पूछताछ की जा रही है।
विकास योजनाओं की मंजूरी के लिए मांगी थी रिश्वत
निगरानी विभाग के अनुसार, फुल्लीडूमर प्रखंड प्रमुख गौतम प्रकाश ने पटना स्थित निगरानी ब्यूरो में लिखित शिकायत की थी। आरोप था कि पंचायती राज विभाग से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं की प्रशासनिक मंजूरी और फंड जारी करने के बदले BDO ने 75 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने आरोपों का सत्यापन कराया। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद टीम ने BDO को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
तय रकम लेते ही निगरानी टीम ने दबोचा
डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में निगरानी की टीम मंगलवार सुबह करीब 10 बजे नेहरू कॉलोनी स्थित BDO के आवास पर पहुंची और आसपास घेराबंदी कर दी। जैसे ही प्रखंड प्रमुख ने तय रकम 75 हजार रुपए BDO को दी, पहले से मुस्तैद टीम ने उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान BDO के मामा बच्चन प्रसाद सिंह को भी हिरासत में लिया गया। निगरानी टीम दोनों से पूछताछ कर रही है और रिश्वतखोरी के पूरे मामले की जांच की जा रही है।
24 घंटे पहले पूर्व मुखिया से हुआ था विवाद
इधर, BDO अमित प्रताप सिंह पिछले 24 घंटे से लगातार चर्चा में थे। सोमवार को ही जन्म प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर BDO और पूर्व मुखिया संजीव कुमार मंडल के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट हुई।
घटना के बाद BDO के आवेदन पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की और पूर्व मुखिया संजीव कुमार मंडल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस घटना में BDO का अस्पताल में इलाज भी कराया गया था। मारपीट का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें BDO और स्थानीय लोगों के बीच हाथापाई होती दिखाई दे रही थी।
अब इस घटनाक्रम के ठीक अगले दिन BDO के ही रिश्वत लेते निगरानी के हत्थे चढ़ने से बांका में प्रशासनिक महकमे के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। निगरानी विभाग की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।