सील किए गए खाद गोदाम से 700 बोरी यूरिया गायब, मचा हड़कंप
पटना/पूर्वी चंपारण। पूर्वी चंपारण के बंजरिया में सरकारी सील किए गए उर्वरक गोदाम से 700 बोरी यूरिया गायब होने का मामला सामने आया है। मामला संज्ञान में आने के बाद कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिला कृषि पदाधिकारी को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया है। मंत्री ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
दरअसल, मनोकामना फर्टिलाइजर्स के गोदाम में विभागीय कार्रवाई के दौरान 780 बोरी यूरिया, 25 बोरी कैल्शियम और 30 बोरी सल्फर जब्त कर गोदाम को सरकारी सील किया गया था। तीन सितंबर को अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, थानाध्यक्ष और कृषि विभाग की टीम ने गोदाम का निरीक्षण किया तो सरकारी सील टूटी हुई मिली।
जांच में पता चला कि जब्त की गई 780 बोरी यूरिया में से महज 80 बोरी ही गोदाम में बची थी, जबकि करीब 700 बोरी यूरिया गायब थी।
इसके बाद टीम ने आसपास की जांच की। गोदाम के बाहर खड़े ट्रक संख्या BR05 GC 9294 से करीब 500 बोरी यूरिया बरामद हुई, जबकि गोदाम के अंदर करीब 250 बोरी IPL यूरिया रखी मिली। इन बोरियों से संबंधित मौके पर कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
कार्रवाई के दौरान टीम ने कुल 750 बोरी यूरिया जब्त की। मामले में मनोकामना फर्टिलाइजर्स के अंबिका साह को नामजद किया गया है। इसके अलावा ट्रक चालक और मालिक को भी अभियुक्त बनाया गया है। तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कृषि मंत्री ने जिला कृषि पदाधिकारी को जिला पदाधिकारी को पूरे मामले से अवगत कराने और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने 24 घंटे में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक की अनियमितता और कालाबाजारी के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक की पारदर्शी और सुगम उपलब्धता विभाग की प्राथमिकता है।