पटना में ट्रैफिक दारोगा 10 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, गाड़ी छोड़ने के बदले मांगे थे पैसे; जेपी गंगापथ पर विजिलेंस का ट्रैप
पटना। राजधानी पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रैफिक थाने में तैनात दारोगा उपेंद्र शाह को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। निगरानी टीम ने उन्हें जेपी गंगापथ के पास उस समय पकड़ा, जब वह एक मामले के पीड़ित से कथित तौर पर रिश्वत की रकम ले रहे थे।
निगरानी विभाग के डीएसपी श्रीराम चौधरी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी टीम ने मंगलवार को यह कार्रवाई की।
गाड़ी छोड़ने के बदले मांगे 10 हजार रुपये
निगरानी के अनुसार, कैमूर निवासी जमील अंसारी ने दारोगा उपेंद्र शाह के खिलाफ शिकायत की थी। जमील अंसारी पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री का काम करते हैं।
बताया गया कि पटना जंक्शन के पास चंदन नाम के ड्राइवर के साथ एक गाड़ी की खरीद-बिक्री को लेकर बातचीत चल रही थी। गाड़ी के ट्रायल के दौरान वह एक अन्य व्यक्ति की गाड़ी से टच हो गई।
इसके बाद संबंधित पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया। आरोप है कि इसी दौरान दारोगा उपेंद्र शाह वहां पहुंचे और गाड़ी को जब्त कर ट्रैफिक थाने ले गए।
गाड़ी छुड़ाने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, गाड़ी को छोड़ने के एवज में दारोगा ने जमील अंसारी से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
इसके बाद जमील अंसारी ने मामले की शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की। शिकायत मिलने पर विभाग ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद आरोपी दारोगा को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई गई।
जेपी गंगापथ पर रकम लेते ही दबोचा
मंगलवार को निगरानी की टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही उपेंद्र शाह ने कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उन्हें जेपी गंगापथ के पास मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी दारोगा को अपने साथ ले गई और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं दारोगा
रिश्वत के इस मामले में गिरफ्तारी से पहले भी उपेंद्र शाह का नाम विवादों में आ चुका है। कुछ समय पहले एक लड़की की स्कूटी रोकने से जुड़ा उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद मामला काफी चर्चा में रहा था।
हालांकि, मौजूदा रिश्वतखोरी मामले में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की जांच निगरानी विभाग द्वारा की जा रही है।
एक दिन में तीन जगह विजिलेंस की कार्रवाई
मंगलवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बिहार में तीन अलग-अलग जगहों पर रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई की।
- पटना: ट्रैफिक दारोगा उपेंद्र शाह — 10 हजार रुपये
- जहानाबाद: मनरेगा JE अमन कुमार — 20 हजार रुपये
- शेखपुरा: DTO कार्यालय के बड़ा बाबू कुणाल कुमार — 15 हजार रुपये
इन तीनों कार्रवाइयों में कुल 45 हजार रुपये की रिश्वत पकड़ी गई। शिकायतों के सत्यापन के बाद निगरानी टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर ट्रैप लगाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
फिलहाल निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम पटना मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई कर रही है।