पूर्णिया में 4 करोड़ का स्मैक बरामद: मुख्य सरगना और चालक समेत 4 महिलाएं गिरफ्तार; कार में महिलाओं को बैठाकर करते थे तस्करी
पूर्णिया। नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पूर्णिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वाहन जांच के दौरान करीब 4 करोड़ रुपये मूल्य का 2 किलो 130.90 ग्राम स्मैक बरामद किया है। कार्रवाई में कथित मुख्य सरगना, चालक और चार महिलाओं समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, तस्कर जांच से बचने के लिए चार पहिया वाहन में महिलाओं को साथ बैठाकर नशीले पदार्थों की खेप पहुंचाते थे। बरामद स्मैक की खेप पश्चिम बंगाल से लाई गई थी और इसे कुर्सेला-टीकापट्टी के रास्ते रूपौली पहुंचाया जा रहा था।
तीनटंगा मोड़ पर पुलिस ने रोकी किआ कार
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक रंजन ने प्रेसवार्ता में बताया कि एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम का नेतृत्व बनमनखी एसडीपीओ एवं धमदाहा एसडीपीओ प्रभारी शैलेश प्रीतम कर रहे थे।
विशेष टीम ने रूपौली-टीकापट्टी मुख्य मार्ग पर तीनटंगा मोड़ के पास वाहन जांच शुरू की। इसी दौरान पुलिस ने सफेद रंग की किआ कार (BR-11BX-7042) को रोककर तलाशी ली।
पुलिस के अनुसार, कार में दो पुरुष और चार महिलाएं सवार थीं। तलाशी के दौरान कार से भारी मात्रा में स्मैक बरामद होने के बाद सभी छह लोगों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।
2किलो.90 ग्राम स्मैक और 40,260 रुपए बरामद
पुलिस के मुताबिक, कार से कुल 2130.90 ग्राम स्मैक बरामद हुआ। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब चार करोड़ रुपये आंकी गई है।
इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के पास से:
- 40,260 रुपये नकद
- 6 मोबाइल फोन
- तस्करी में इस्तेमाल की जा रही किआ कार
भी जब्त की है।
पुलिस का कहना है कि जब्त मोबाइल फोन की जांच में बड़े स्तर पर पैसों के लेनदेन से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। इसके आधार पर जांच टीम तस्करी के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
मुख्य सरगना और चालक समेत 4 महिलाएं गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में रूपौली निवासी बबलू यादव के पुत्र शेखर कुमार को पुलिस ने कथित मुख्य सरगना बताया है। वहीं रूपौली निवासी पुलिस मेहता के पुत्र विष्णु कुमार को कार का चालक बताया गया है।
चार महिलाओं की पहचान कटिहार जिले के कुर्सेला निवासी शांति देवी और शोभा देवी तथा पोठिया निवासी इंदु देवी और मीणा देवी के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य महिलाओं को वाहन में साथ रखकर जांच से बचने की कोशिश करते थे।
शेखर पर पहले से दर्ज हैं NDPS के मामले
पुलिस के मुताबिक, कथित मुख्य सरगना शेखर कुमार का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ रूपौली थाने में NDPS एक्ट के तहत कई मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
अब पुलिस उसके पुराने मामलों और वर्तमान तस्करी नेटवर्क के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।
पश्चिम बंगाल से लाई गई थी स्मैक की खेप
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद स्मैक पश्चिम बंगाल से लाई गई थी। इसे कुर्सेला-टीकापट्टी के रास्ते रूपौली पहुंचाया जा रहा था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खेप पश्चिम बंगाल में किससे ली गई थी, रूपौली में इसे किसे सौंपा जाना था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सीमांचल क्षेत्र में फैले संभावित तस्करी नेटवर्क को खंगालने के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है।
कार्रवाई में ये पुलिस अधिकारी रहे शामिल
कार्रवाई में बनमनखी एसडीपीओ शैलेश प्रीतम, राजस्व अधिकारी अमित कुमार, रूपौली थानाध्यक्ष अभय रंजन, टीकापट्टी थानाध्यक्ष सौरभ कुमार, प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक धर्मवीर कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक रीना कुमारी, बीएसएपी हवलदार शंभू पासवान और सिपाही निरंजन पासवान समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बरामद स्मैक, नकदी, मोबाइल और कार को जब्त कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।