खगड़िया में भीषण सड़क हादसा, तीन डाक बम युवकों की मौत
खगड़िया: बेलदौर थाना क्षेत्र के उसराहा गांव के समीप एनएच-107 पर रविवार देर रात करीब एक बजे दो बाइकों की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। हादसे में तीन डाक बम युवकों की मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
मृतकों की पहचान सकरोहर पंचायत के पिपरा बासा वार्ड संख्या 13 निवासी पूर्व वार्ड सदस्य के पुत्र नीरज कुमार, पंकज सिंह के पुत्र नीतीश कुमार और बेलदौर नगर पंचायत के वार्ड संख्या आठ निवासी महादेव शर्मा के इकलौते पुत्र रुपेश कुमार उर्फ काजू कुमार (30) के रूप में हुई है।
अस्पताल ले जाते समय तीनों ने तोड़ा दम
घटना की सूचना मिलते ही वार्ड सदस्य सोनू कुमार स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एंबुलेंस में चढ़ाते समय गंभीर रूप से घायल नीरज कुमार ने दम तोड़ दिया। नीतीश कुमार की करुआ मोड़ के समीप मौत हो गई, जबकि दूसरी बाइक पर सवार रुपेश कुमार उर्फ काजू ने महेशखूंट पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ दिया।
सूचना मिलने पर बेलदौर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों बाइकों की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण आमने-सामने की टक्कर के बाद तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम
रुपेश कुमार उर्फ काजू टेंट में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वह माता-पिता के इकलौते बेटे और परिवार के कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही पत्नी चंदा कुमारी, मां सविता देवी और उनके दो मासूम बेटे युवराज (4) व लवकुश (3) का रो-रोकर बुरा हाल है।
वहीं, सावन की तीसरी सोमवारी पर बाबा फुलेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंचे डाक कांवरियों और श्रद्धालुओं में भी हादसे के बाद मायूसी छा गई।
श्रावणी मेले में तेज रफ्तार पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने बताया कि श्रावणी मेले के दौरान बाबा फुलेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में डाक बम और सेवा बम पहुंचते हैं। इस दौरान एनएच-107 पर बाइक समेत अन्य वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार और सड़क पर बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से श्रावणी मेले के दौरान एनएच-107 पर वाहनों की गति नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।