मधेपुरा में DM का मॉडल स्कूल में औचक निरीक्षण, छात्राओं के लिए साप्ताहिक टेस्ट अनिवार्य
मधेपुरा। जिलाधिकारी ने शनिवार, 22 अगस्त 2026 को गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), उत्क्रमित भीखा कन्या +2 विद्यालय, परवाहा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में पठन-पाठन की गुणवत्ता, छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति, उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों तथा साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने विद्यालय परिसर के साथ-साथ कक्षा-कक्ष, स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशाला और पुस्तकालय का भी विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का छात्राओं के शैक्षणिक हित में नियमित और प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने का निर्देश
जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर, कक्षाओं और शौचालयों में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छात्राओं के बेहतर स्वास्थ्य और पढ़ाई के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और अनुशासित वातावरण जरूरी है।
उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाए रखने और छात्राओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
पुस्तकालय के अधिकतम उपयोग पर जोर
पुस्तकालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पुस्तकों की उपलब्धता बढ़ाने और छात्राओं को नियमित रूप से पुस्तकें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने छात्राओं में पठन और स्वाध्याय की आदत विकसित करने के लिए पुस्तकालय का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। डीएम ने कहा कि पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ अतिरिक्त पुस्तकों का अध्ययन छात्राओं के ज्ञान और शैक्षणिक क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा।
स्मार्ट क्लास और साइंस लैब नियमित रूप से चलाने का निर्देश
जिलाधिकारी ने स्मार्ट क्लास और विज्ञान प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों को नियमित रूप से क्रियाशील रखने तथा उपलब्ध तकनीकी और प्रयोगशाला संसाधनों का शिक्षा में प्रभावी उपयोग करने का निर्देश दिया।
उन्होंने छात्राओं को प्रायोगिक और गतिविधि आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया, ताकि विषयों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें प्रयोग और गतिविधियों के माध्यम से समझाया जा सके।
कक्षाओं में पहुंचकर पढ़ाई का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी विभिन्न कक्षाओं में पहुंचे और छात्राओं की उपस्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति, पठन-पाठन की स्थिति तथा बेंच-डेस्क की उपलब्धता का जायजा लिया।
उन्होंने शिक्षकों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने तथा छात्राओं की शैक्षणिक जरूरतों के अनुसार शिक्षण पद्धति अपनाने का निर्देश दिया।
छात्राओं के लिए हर सप्ताह टेस्ट कराने का निर्देश
छात्राओं के शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए जिलाधिकारी ने सभी विषयों में साप्ताहिक टेस्ट (Weekly Test) अनिवार्य रूप से आयोजित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि नियमित मूल्यांकन से छात्राओं की विषयवार प्रगति का आकलन किया जा सकेगा। साथ ही, जिन छात्राओं को किसी विषय में कठिनाई हो रही है, उनकी पहचान कर उन्हें आवश्यक शैक्षणिक सहयोग दिया जा सकेगा।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापक और सभी शिक्षकों को निर्देश दिया कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित उपस्थिति, अनुशासन और छात्राओं के अनुकूल शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता हो।
उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध सभी संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए छात्राओं के सर्वांगीण शैक्षणिक विकास के लिए गंभीरता से कार्य करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी, मधेपुरा सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी और विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।