चेकपोस्ट पर ड्यूटी कर रहे सिपाही के पास पहुंची प्रेमिका, शादी को लेकर हुआ हंगामा
समस्तीपुर की रहने वाली एक युवती अपने प्रेमी से शादी करने के लिए करीब 250 किलोमीटर दूर औरंगाबाद के अंबा पहुंच गई। प्रेमी बिहार पुलिस का सिपाही है और उसकी तैनाती उत्पाद विभाग के एरका चेकपोस्ट पर है। युवती के चेकपोस्ट पहुंचने के बाद दोनों के बीच कहासुनी हो गई। मामला बढ़ने पर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों को थाने ले गई। पूछताछ में सामने आया कि दोनों के बीच करीब चार साल से प्रेम संबंध था। बाद में दोनों के परिजनों को बुलाया गया। परिजनों की मौजूदगी और सहमति से दोनों की शादी सतबहिनी मंदिर में करा दी गई।
स्कूल में हुई थी दोनों की मुलाकात
युवती पूजा कुमारी ने बताया कि उसकी और अंकेश की मुलाकात स्कूल में हुई थी। दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे। पढ़ाई के दौरान दोस्ती हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। पूजा के मुताबिक, शुरुआत में अंकेश ने उसे प्रपोज किया था, लेकिन उसने इनकार कर दिया था।
बिहार पुलिस में नौकरी लगने के बाद भी जारी रही बातचीत
पूजा ने बताया कि करीब तीन साल पहले अंकेश का बिहार पुलिस में सिपाही पद पर चयन हो गया। नौकरी मिलने के बाद वह ड्यूटी पर चला गया, लेकिन दोनों के बीच बातचीत जारी रही।
इसी दौरान पूजा के घरवाले उसकी शादी के लिए रिश्ता तलाशने लगे। पूजा ने अपने परिवार को अंकेश के बारे में बताया और उससे शादी की इच्छा जताई। युवती के अनुसार, जब उसने अंकेश से शादी की बात की तो उसने कहा कि अब वह उससे शादी नहीं कर सकता।
शादी कहीं और तय होने की जानकारी मिली तो अंबा पहुंची
पूजा का कहना है कि अंकेश से शादी से इनकार सुनने के बाद वह काफी परेशान हुई। इसी बीच उसे पता चला कि अंकेश की शादी कहीं और तय हो गई है। इसके बाद वह बिना घरवालों को बताए समस्तीपुर से करीब 250 किलोमीटर दूर अंबा पहुंच गई।
वह सीधे उस चेकपोस्ट पर पहुंची, जहां अंकेश ड्यूटी कर रहा था। वहां दोनों के बीच विवाद और हंगामा होने लगा। लोगों की भीड़ जुटने के बाद पुलिस को सूचना दी गई।
परिजनों की सहमति से मंदिर में हुई शादी
अंबा थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि दोनों बालिग हैं और पहले से प्रेम संबंध में थे। दोनों के परिजनों को सूचना देकर थाने बुलाया गया। परिजनों की मौजूदगी और सहमति के बाद सतबहिनी मंदिर में दोनों की शादी कराई गई।
मंदिर में दोनों ने सात फेरे लिए और विवाह संबंधी प्रमाण-पत्र भी दिया गया। इस तरह चेकपोस्ट पर शुरू हुआ विवाद आखिरकार मंदिर में शादी के बाद खत्म हो गया।