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गया में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़: Amazon-Flipkart के कस्टमर केयर बनकर करते थे ठगी, 9 साइबर अपराधी गिरफ्तार
विस्तृत खबर:
गया पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। शहर के व्हाइट हाउस कंपाउंड रोड स्थित मोतिमणि अपार्टमेंट में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पुलिस ने 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, 6 लैपटॉप, 22 एटीएम/क्रेडिट-डेबिट कार्ड, 500 जीबी हार्ड डिस्क, वाई-फाई मशीन, चार्जर, माउस, नोटबुक और 9,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
गया के एसएसपी सुशील कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि जिले में चलाए जा रहे विशेष साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत गुप्त सूचना मिली थी कि व्हाइट हाउस कंपाउंड रोड स्थित मोतिमणि अपार्टमेंट के चौथे तल पर बाहरी राज्यों के कुछ लोग किराये के फ्लैट से संगठित साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे हैं।
सूचना के आधार पर नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में नगर-02 डीएसपी, साइबर थाना, रामपुर थाना और तकनीकी शाखा की संयुक्त टीम ने फ्लैट नंबर-04 (सी) में छापेमारी की। पुलिस जब फ्लैट में पहुंची तो नौ युवक लैपटॉप और मोबाइल के जरिए ऑनलाइन ठगी में व्यस्त मिले। पुलिस को देखते ही सभी उपकरण बंद करने लगे, लेकिन टीम ने मौके पर ही सभी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी खुद को Amazon, Flipkart और अन्य ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म का फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करते थे। इसके बाद AnyDesk, UltraViewer और Port SIP Client जैसे रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन के जरिए पीड़ितों के मोबाइल और कंप्यूटर का नियंत्रण हासिल कर लेते थे। फिर TextPlus जैसे ऐप की मदद से फर्जी पहचान बनाकर बैंक खाते, व्यक्तिगत जानकारी और ओटीपी हासिल कर लोगों के खातों से रकम उड़ा लेते थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के कोलकाता के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं। इनमें नवेद अनवर, अफजल हुसैन, ओसामा परवेज, सदाशिव मान, इंजमाम आलम, सलमान, अदनान अहमद, जीमल हुसैन और मोहम्मद शाहिद शामिल हैं।
रामपुर थाना में कांड संख्या 472/26 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार देश के अन्य राज्यों या किसी बड़े साइबर नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं। फरार साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
