किशनगंज में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद: 1.12 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया, रात में घर में घुसकर की थी वारदात
किशनगंज। किशनगंज में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अनन्य विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम दीप चंद पाण्डेय की अदालत ने आरोपी अजय कुमार महतो, निवासी चकला घाट बालुबाड़ी, को विभिन्न धाराओं में दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी पर कुल 1 लाख 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला वर्ष 2023 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 1 जुलाई 2023 की रात आरोपी पीड़िता के घर में घुसा था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी।
पॉक्सो एक्ट में 15 साल की कठोर सजा
न्यायालय के आदेश के अनुसार, आरोपी को महिला थाना कांड संख्या 32/2023 और विशेष पॉक्सो वाद संख्या 19/2024 के तहत पॉक्सो एक्ट की धारा में 15 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा अदालत ने आईपीसी की धारा 450 के तहत सात वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धारा के तहत भी तीन वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
एससी/एसटी एक्ट की अन्य धारा में उम्रकैद
मामले में एससी/एसटी एक्ट की एक अन्य धारा के तहत अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि विभिन्न धाराओं में सुनाई गई सजाएं आदेश के अनुसार प्रभावी होंगी।
मामले में विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो अधिनियम मनीष कुमार साह ने सजा के बिंदु पर न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष की ओर से जोरदार बहस की।
1 जुलाई 2023 की रात घर में घुसकर की थी वारदात
विशेष लोक अभियोजक मनीष कुमार साह के अनुसार, यह घटना 1 जुलाई 2023 की रात की है। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि अजय कुमार महतो रात में पीड़िता के घर में घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया।
घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस ने जांच शुरू की।
26 सितंबर 2023 को दाखिल हुआ था आरोप पत्र
पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ 26 सितंबर 2023 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद अदालत ने 6 अक्टूबर 2023 को मामले का संज्ञान लिया।
मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा 4(1) भी जोड़ी गई थी। लंबी न्यायिक प्रक्रिया और सुनवाई के बाद विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया।
अब अदालत ने दोषी को विभिन्न धाराओं में कारावास और कुल 1.12 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।