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Friday, August 28, 2026

सावधान! रजिस्ट्री के कागजात से खाली हो सकता है बैंक खाता, पूर्णिया में 8 फिंगरप्रिंट डिवाइस के साथ 2 साइबर अपराधी गिरफ्तार

पूर्णिया में डिजिटल फिंगरप्रिंट से बैंक खाते खाली करने वाले साइबर गिरोह का पर्दाफाश, 8 बायोमेट्रिक डिवाइस के साथ दो गिरफ्तार

पूर्णिया: अमौर थाना क्षेत्र के पिपरा गांव में पुलिस ने डिजिटल फिंगरप्रिंट के जरिए लोगों के बैंक खातों से कथित तौर पर अवैध निकासी करने वाले साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापेमारी कर दो साइबर आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनके कुछ साथी मौके से फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपितों के पास से दो एंड्रॉइड मोबाइल और आठ डिजिटल मंत्रा बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर डिवाइस बरामद किए गए हैं।

गुप्त सूचना पर राहुल के घर छापेमारी

अमौर थानाध्यक्ष संजय कुमार के अनुसार, सहायक अवर निरीक्षक रंजन कुमार को सूचना मिली थी कि पिपरा गांव में राहुल कुमार के घर पर कुछ लोग डिजिटल फिंगरप्रिंट के माध्यम से साइबर फ्रॉड कर रहे हैं।

सूचना के आधार पर एएसआई रंजन कुमार, एएसआई सरफराज आलम और पुलिस बल की टीम ने राहुल कुमार के मकान की घेराबंदी कर छापेमारी की।

पुलिस को देखते ही भागने लगे आरोपी

पुलिस टीम के पहुंचते ही कमरे में मौजूद लोग भागने लगे। पुलिसकर्मियों ने पीछा कर दो लोगों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान 25 वर्षीय राहुल कुमार और 30 वर्षीय कमलेश कुमार विश्वास, दोनों निवासी पिपरा गांव के रूप में हुई है।

तलाशी के दौरान पुलिस ने कमरे से दो एंड्रॉइड मोबाइल फोन और आठ डिजिटल मंत्रा बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर बरामद किए।

जमीन की रजिस्ट्री से फिंगरप्रिंट डेटा हासिल करने का आरोप

पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने कथित तौर पर बताया कि वे जमीन की रजिस्ट्री यानी केवाला आदि में इस्तेमाल किए गए फिंगरप्रिंट को स्कैन कर बायोमेट्रिक डेटा हासिल करते थे।

पुलिस के अनुसार, इसके बाद इसी डेटा का इस्तेमाल मंत्रा बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से कथित तौर पर लोगों के बैंक खातों से रुपये निकालने या उन्हें दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।

मोबाइल में ₹3,200 के लेनदेन का मैसेज मिला

पुलिस ने जब्त मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें 26 अगस्त को ₹3,200 के क्रेडिट और निकासी से संबंधित मैसेज मिले। इसके अलावा मोबाइल फोन से बायोमेट्रिक फ्रॉड से जुड़े अन्य साक्ष्य मिलने का भी पुलिस ने दावा किया है।

पुलिस अब जब्त मोबाइल और अन्य सामान की जांच के आधार पर गिरोह के नेटवर्क, बैंक खातों और इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है।

आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज, दोनों जेल भेजे गए

मामले में अमौर थाना कांड संख्या 371/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने विभिन्न सुसंगत धाराओं और आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर दोनों गिरफ्तार आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

वहीं, मौके से फरार हुए अन्य आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।