अररिया। पथ निर्माण विभाग के अधीन राज्य उच्च पथ (स्टेट हाईवे) व पुलों पर बिहार सरकार द्वारा टोल टैक्स लगाए जाने के निर्णय के बाद से आम लोग इसको लेकर काफी संशकति थे।लोगों को लग रहा था कि अब हर किसी वाहन चालकों से स्टेट हाईवे और पुलों पर टैक्स लिया जाएगा, जो सीधा उनकी जेब पर एक अतिरिक्त भाड़ होगा।
हालांकि, मंगलवार को अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड के हरिपुर पंचायत सरकार भवन परिसर में आयोजित सहयोग शिविर कार्यक्रम में शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स को लेकर सरकार की मंशा को स्पष्ट कर दिया।
उन्होंंने कहा कि स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स को लेकर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। निजी वाहनों पर किसी प्रकार का टोल टैक्स नहीं लगेगा। केवल व्यवसायिक वाहनों से ही टैक्स लिया जाएगा।
इसी के साथ, उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। 15 जुलाई तक राज्य के शेष सभी 213 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की व्यवस्था पूरी कर दी जाएगी। सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। साथ ही इन मॉडल स्कूलों एवं ग्रामीण हाई स्कूलों में भी कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी, ताकि विद्यार्थियो को पढ़ाई के लिए बड़े शहरों या पटना नहीं जाना पड़े।
उन्होंने यह भी कहा कि फारबिसगंज एयरपोर्ट के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है और अगले वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का प्रयास होगा। अररिया में मेडिकल कॉलेज के लिए भी भूमि उपलब्ध है, जल्द ही इसका शिलान्यास किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त फोरलेन सड़क, सिलीगुड़ी-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे, कोसी-मेची लिंक परियोजना, बैरगाछी-सिकटी सड़क, रानीगंज-सुकेला बाईपास तथा सुभाष चौक आरओबी जैसे परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अपराधी और घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है। बिहार सुशासन के लिए जाना जाता है।। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा सुदृढ़ करने के लिए 735 किलोमीटर सीमा पर 194 बीओपी स्थापित किए गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसहयोग शिविर के माध्यम से राज्य में अब तक 4 लाख 53 हजार 62 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 4 लाख 25 हजार 660 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है और मात्र 27 हजार लंबित है।
उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने विकसित भारत का सपना देखा और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने समृद्ध बिहार का सपना देखा है। केन्द्र सरकार ने बिहार के विकास के लिये मिलने वाली राशि को 16वें वित्त आयोग में 20 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार गरीब एवं कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार जिसको पक्का मकान दे रही है, उसका सारा टैक्स राज्य सरकार उठाएगी। सहयोग शिविर का उद्देश्य आमजन के कष्टों का त्वरित और पारदर्शी समाधान करना है।
उन्होंने कहा कि सरकार गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं का निवारण कर रही है, ताकि हर नागरिक को समय पर न्याय मिल सके। मुख्यमंत्री के स्तर पर प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को पटना में जिन समस्याओं का निदान सहयोग शिविर के माध्यम से नहीं हो सका है या आवेदक को लगता है कि गलत आदेश जारी किया गया है, उसका समाधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पटना से हेलीकॉप्टर से करीब 11.24 बजे पहुंचे और पहले सहयोग शिविर के स्टॉल का निरीक्षण किया। इसके बाद मंच से सभा को संबोधित करने के बाद 12.30 में निकल गए। इस मौके पर
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद, सांसद प्रदीप कुमार सिंह, विधायक विजय कुमार मंडल, मनोज विश्वास, मो मुर्शीद आलम आदि मौजूद थे।