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Sunday, July 12, 2026

BIHAR:पत्नी की संदिग्ध मौत के छह महीने बाद डिप्टी जेलर निलंबित, दहेज हत्या मामले में विभाग ने मांगा जवाब

हेडलाइन:

पत्नी की संदिग्ध मौत के छह महीने बाद डिप्टी जेलर निलंबित, दहेज हत्या मामले में विभाग ने मांगा जवाब

दरभंगा:

दरभंगा मंडल कारा में पदस्थापित सहायक अधीक्षक (डिप्टी जेलर) नंदू चौधरी को उनकी पत्नी की संदिग्ध मौत के मामले में बिहार कारा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने उनके खिलाफ आरोप पत्र जारी करते हुए सात दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई पत्नी की मौत के करीब छह महीने बाद की गई है।

फरवरी में मिला था पत्नी का शव

यह मामला 11 फरवरी का है, जब समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव स्थित घर में नंदू चौधरी की पत्नी श्वेता कुमारी का शव फंदे से लटका मिला था। घटना के बाद मृतका के मायके वालों ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि दहेज हत्या बताते हुए नंदू चौधरी, उनके माता-पिता और अन्य पर मामला दर्ज कराया था।

10 लाख रुपये और फॉर्च्यूनर की मांग का आरोप

मृतका के भाई शशि भूषण चौधरी ने आरोप लगाया था कि 31 मई 2023 को हुई शादी में पर्याप्त दहेज देने के बावजूद ससुराल पक्ष लगातार 10 लाख रुपये नकद और फॉर्च्यूनर कार की मांग कर रहा था। मांग पूरी नहीं होने पर श्वेता को प्रताड़ित किया जाता था और घटना से पहले जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।

परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना से करीब 20 दिन पहले श्वेता के साथ मारपीट हुई थी, जिसको लेकर पंचायत भी हुई थी। उनका कहना है कि हत्या के बाद शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। घटना के बाद ससुराल पक्ष के लोग घर छोड़कर फरार हो गए थे।

घटना से पहले छुट्टी पर गए थे डिप्टी जेलर

जानकारी के अनुसार, घटना से एक दिन पहले नंदू चौधरी 11 दिनों की छुट्टी लेकर दरभंगा से अपने घर गए थे। उन्होंने छुट्टी के आवेदन में अपनी डेढ़ वर्ष की बेटी की तबीयत खराब होने का कारण बताया था।

2025 में हुई थी दरभंगा में पोस्टिंग

दरभंगा मंडल कारा की अधीक्षक स्नेहलता ने बताया कि नंदू चौधरी की पोस्टिंग जुलाई 2025 में दरभंगा में हुई थी। इससे पहले वे नवादा में कार्यरत थे। उन्होंने कहा कि नंदू चौधरी का व्यवहार हमेशा शांत और जिम्मेदार अधिकारी जैसा रहा तथा कई बार उन्हें जेलर का प्रभार भी सौंपा गया था।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी आवास मिलने के बावजूद नंदू चौधरी अपनी पत्नी और परिवार को दरभंगा लेकर नहीं आए थे। घटना के बाद उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद मिला।

विभाग ने शुरू की अनुशासनात्मक कार्रवाई

बिहार कारा विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नंदू चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करते हुए सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। वहीं दहेज हत्या के मामले में दर्ज प्राथमिकी की जांच पुलिस द्वारा जारी है।