पटना में सरकारी बोर्ड लगी गाड़ियों से शराब तस्करी का खुलासा: कृषि आयुक्त और संयुक्त सचिव की नेम प्लेट का दुरुपयोग, तीन गिरफ्तार
पटना। बिहार में शराबबंदी के बीच पटना से सरकारी अधिकारियों के नाम और पद का दुरुपयोग कर शराब तस्करी करने के दो सनसनीखेज मामले सामने आए हैं। एक ओर दीदारगंज में कृषि विभाग के आयुक्त का बोर्ड लगी गाड़ी से विदेशी शराब बरामद की गई, वहीं दूसरी ओर परसा बाजार थाना क्षेत्र में संयुक्त सचिव का बोर्ड लगी कार से 560 लीटर देसी महुआ शराब जब्त की गई। दोनों मामलों में पुलिस और मद्य निषेध विभाग जांच में जुटे हैं तथा सरकारी पहचान का इस्तेमाल कर तस्करी करने वाले नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
आयुक्त का बोर्ड लगी गाड़ी से विदेशी शराब बरामद
दीदारगंज में मद्य निषेध विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि एक विशेष वाहन के जरिए विदेशी शराब की खेप ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर चलाए गए वाहन जांच अभियान के दौरान कृषि विभाग के आयुक्त का बोर्ड लगी एक गाड़ी को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन से करीब एक लाख रुपये मूल्य की विदेशी शराब बरामद हुई।
कार्रवाई के दौरान राजा कुमार, चंदन कुमार और अमन कुमार को गिरफ्तार किया गया। इनमें राजा कुमार और चंदन कुमार नालंदा जिले के निवासी हैं, जबकि अमन कुमार पटना का रहने वाला है।
आईएएस अधिकारी का फर्जी आईडी कार्ड और वर्दी भी मिली
मद्य निषेध विभाग के अनुसार गिरफ्तार आरोपी राजा कुमार वर्दी पहने हुए था। उसके पास से एक कथित आईएएस अधिकारी का पहचान पत्र (आई-कार्ड) और पिस्टल रखने वाला होल्स्टर भी बरामद किया गया। हालांकि प्रारंभिक जांच में उसके पास कोई हथियार नहीं मिला। पुलिस अब बरामद आई-कार्ड, वर्दी और वाहन पर लगे सरकारी बोर्ड की सत्यता की जांच कर रही है।
परसा बाजार में 560 लीटर महुआ शराब जब्त
दूसरे मामले में परसा बाजार थाना पुलिस ने वाहन जांच के दौरान एक स्विफ्ट डिजायर कार से 560 लीटर देसी महुआ शराब बरामद की। कार पर 'बिहार सरकार, संयुक्त सचिव, मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय, सामान्य प्रशासन विभाग' का बोर्ड लगा हुआ था, जिससे वह सरकारी वाहन प्रतीत हो रही थी।
छुट्टी के दिनों में इस्तेमाल का दावा, जांच जारी
परसा बाजार थाना प्रभारी मेनका रानी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया है कि संबंधित सरकारी वाहन का इस्तेमाल शनिवार और रविवार की छुट्टियों के दौरान कथित रूप से अवैध शराब की तस्करी के लिए किया जाता था। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस दावे का स्वतंत्र रूप से सत्यापन किया जा रहा है।
पुलिस वाहन के स्वामित्व, सरकारी उपयोग और शराब तस्करी में उसकी भूमिका की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।