नालंदा के हिलसा अनुमंडल कार्यालय में विजिलेंस का छापा: 22 हजार घूस लेते प्रधान सहायक और मुंशी गिरफ्तार
नालंदा। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में नालंदा के हिलसा अनुमंडल कार्यालय में बुधवार शाम विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रधान सहायक नीलम चौधरी और उनके सहयोगी प्राइवेट मुंशी सुनील कुमार को 22 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि अनुमंडल कार्यालय की विधि शाखा में लंबे समय से रिश्वतखोरी की शिकायतें मिल रही थीं। एक मामले के निपटारे के बदले आरोपियों द्वारा पैसे की मांग की गई थी।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
पीड़ित ने मामले की शिकायत निगरानी विभाग से की थी। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत जैसे ही रिश्वत की राशि ली गई, पहले से घात लगाकर बैठी टीम ने दोनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद दोनों को पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया।
क्या था पूरा मामला?
निगरानी विभाग के डीएसपी संजय कुमार के अनुसार, दिलीप नारायण सिंह नामक व्यक्ति ने 19 जून 2026 को निगरानी थाना, पटना में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायतकर्ता का वाद संख्या 433 M/2022 के तहत हिलसा अनुमंडल कार्यालय में एक सिविल विवाद चल रहा था। आरोप है कि मामले में अपने पक्ष में फैसला करवाने के लिए नीलम चौधरी ने रिश्वत की मांग की थी।
परिवादी ने बताया कि प्रधान सहायक अपने निजी मुंशी सुनील कुमार के माध्यम से पैसे वसूल रहा था।
20 हजार प्रधान सहायक के लिए, 2 हजार मुंशी के लिए
जांच में रिश्वतखोरी की पुष्टि होने के बाद निगरानी थाना कांड संख्या 78/26 दर्ज किया गया। बुधवार को विशेष धावा दल का गठन कर कार्रवाई की गई।
जैसे ही परिवादी ने नीलम चौधरी के निर्देश पर मुंशी सुनील कुमार को 22 हजार रुपये सौंपे, टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार—
- ₹20,000 प्रधान सहायक के लिए
- ₹2,000 मुंशी के लिए तय थे
वॉयस रिकॉर्डिंग बनी बड़ा सबूत
इस कार्रवाई के दौरान निगरानी विभाग ने बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी की, जिसमें कथित रूप से प्रधान सहायक द्वारा पैसे लेने का निर्देश स्पष्ट सुनाई देता है। इसी मजबूत साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तारी की गई।
इस कार्रवाई के बाद Hilsa Sub-Divisional Office में हड़कंप मच गया है। सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की इस कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक चर्चा हो रही है।