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Monday, July 20, 2026

पूर्णिया पुलिस ने अंतरजिला चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, पति-पत्नी समेत 7 गिरफ्तार; 7 लाख की चोरी की संपत्ति बरामद

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पूर्णिया पुलिस ने अंतरजिला चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, पति-पत्नी समेत 7 गिरफ्तार; 7 लाख की चोरी की संपत्ति बरामद

पूर्णिया: पूर्णिया पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक संगठित अंतरजिला चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड राजू मुखिया और उसकी पत्नी आरती कुमारी समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में चार महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 6 से 7 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल, पीतल-कांसा के बर्तन, चोरी के औजार और एक ऑस्ट्रेलियन डॉलर बरामद किया है।

एसडीपीओ के नेतृत्व में बनी विशेष टीम

सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ-1) अभिनव पराशर ने प्रेस वार्ता में बताया कि पिछले डेढ़ से दो महीनों के दौरान सदर अनुमंडल के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर उनके नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने 24 घंटे के भीतर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।

पति-पत्नी चला रहे थे गिरोह

पुलिस के अनुसार गिरोह का संचालन मधेपुरा निवासी राजू मुखिया और उसकी पत्नी आरती कुमारी कर रहे थे। दोनों वर्तमान में पूर्णिया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित श्रीनगर चौक में किराये के मकान में रहकर पूरे गिरोह का संचालन कर रहे थे।

गिरफ्तार अन्य आरोपियों में खुश्कीबाग निवासी रेणु देवी, यूसुफबाग की सक्कु उर्फ शकीना, चुन्नी खातून उर्फ टीटी खातून, मधेपुरा के बिहारीगंज निवासी गुलफाम अंसारी उर्फ बोकु अंसारी तथा सुपौल के बलुआ बाजार निवासी मुन्ना मुखिया शामिल हैं।

कचरा चुनने के बहाने करते थे रेकी

पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य दिन में कूड़ा-कचरा या प्लास्टिक बीनने का बहाना बनाकर विभिन्न मोहल्लों में घूमते थे। इस दौरान वे बंद पड़े मकानों, ताला लगे घरों और लंबे समय से खाली दिखने वाले घरों की पहचान करते थे। रात होने पर वही घर उनका निशाना बनते थे। आरोपी ताला और दरवाजा तोड़कर घरों में चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।

मुख्य सरगना पहले भी जा चुका है जेल

एसडीपीओ ने बताया कि गिरोह का सरगना राजू मुखिया पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है। वह करीब दो से तीन महीने पहले ही जेल से बाहर आया था और बाहर निकलते ही दोबारा गिरोह बनाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने लगा। पुलिस अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।

भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बड़ी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया है। बरामदगी में सोने-चांदी के कई आभूषण, हनुमान जी की सोने और चांदी की चक्तियां, सोने की बालियां, नथिया, चांदी की चेन, पायल, बिछिया, कड़ा, सिंदूरदानी, चांदी का डिब्बा और चांदी का नोट शामिल हैं।

इसके अलावा टाइटन कंपनी की घड़ी, चार मोबाइल फोन, दो मोटरसाइकिल, 68,550 रुपये नकद, एक ऑस्ट्रेलियन डॉलर, पीतल-कांसा और स्टील के कई बर्तन तथा घरों के ताले और दरवाजे तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले लोहे के औजार भी बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की अनुमानित कीमत 6 से 7 लाख रुपये बताई जा रही है।

सुनारों से भी होगी पूछताछ

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी के आभूषण किन सुनारों या अन्य लोगों को बेचे जाते थे। इस पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। साथ ही टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (TIP) कराकर बरामद सामान उसके वास्तविक मालिकों को लौटाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य संभावित सहयोगियों और चोरी के सामान की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द ही इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।