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अररिया में पूर्व भाजपा विधायक के कामत से 158 किलो गांजा बरामद, केयरटेकर गिरफ्तार
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गुप्त सूचना पर पुलिस की छापेमारी, NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज; मुख्य तस्कर की तलाश जारी
अररिया: बिहार के अररिया जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर थाना क्षेत्र के कुसियारगांव स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क के पास एक कामत से 158 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार यह कामत नरपतगंज के पूर्व भाजपा विधायक जयप्रकाश यादव का बताया जा रहा है। मामले में केयरटेकर अवधेश ऋषिदेव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सुशील कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर नगर थाना पुलिस ने छापेमारी की। तलाशी के दौरान कामत परिसर से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांजे की खेप को यहां स्टोर कर रखा गया था और अगले दिन इसकी तस्करी की योजना थी।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अवधेश ऋषिदेव कामत की देखरेख करता था और वहीं रहता था। उससे पूछताछ के आधार पर पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच की जा रही है। मामले में NDPS एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एसडीपीओ ने बताया कि मुख्य तस्कर और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बरामद गांजा कहां से लाया गया था और इसकी आपूर्ति किन-किन स्थानों पर की जानी थी।
10 साल का भरोसा एक झटके में टूटा
स्थानीय लोगों के अनुसार अवधेश ऋषिदेव पिछले लगभग 10 वर्षों से इस परिसर की देखरेख कर रहा था. जमीन और कामत की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी उसी के पास थी. पूर्व विधायक ने उस पर भरोसा कर परिसर की चाबी और देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी थी. ग्रामीणों का कहना है कि जिस व्यक्ति को वर्षों तक ईमानदारी का प्रतीक माना गया, उसी पर अब अवैध मादक पदार्थ छिपाने का आरोप लगा है.
ग्रामीण बोले, पूरे नेटवर्क की हो जांच
घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर गांजा परिसर तक कैसे पहुंचा. ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को इस मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. लोगों ने देर शाम मचानों पर जुटने वाले संदिग्ध लोगों की भी जांच करने की मांग की है.
पुलिस ने स्पष्ट किया कि पूछताछ के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि यह कामत पूर्व विधायक का है और अवधेश ऋषिदेव को उसकी देखरेख की जिम्मेदारी दी गई थी। फिलहाल जांच जारी है। अब तक पूर्व विधायक की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए पुलिस सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई करेगी।