पटना। बिहार के सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। एक अगस्त से पटना सहित राज्य के सरकारी अस्पतालों की सफाई की जिम्मेदारी चरणबद्ध तरीके से जीविका दीदियों को सौंपी जाएगी।इसके लिए विभिन्न अस्पतालों और जीविका के बीच सहमति पत्र (एमओयू) किया जा रहा है। पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) और लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल ने भी इस दिशा में पहल शुरू कर दी है।
पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में सफाई व्यवस्था के लिए जीविका के साथ करार हो चुका है। इसके तहत 300 से अधिक जीविका दीदियां अस्पताल परिसर में सफाई और स्वच्छता से जुड़ी सेवाएं देंगी।नई व्यवस्था एक अगस्त से लागू करने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि पीएमसीएच में वर्षों से संचालित 'दीदी की रसोई' को भी टावर-2 में स्थानांतरित किया जा रहा है। यहां मरीजों और उनके परिजनों के लिए भोजन तैयार किया जाएगा।
इसके साथ ही अस्पताल के मेस का संचालन भी जीविका समूह के माध्यम से किया जाएगा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इससे भोजन और अन्य सेवाओं का संचालन अधिक व्यवस्थित होगा।स्वास्थ्य विभाग की योजना के अनुसार भविष्य में राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी 'दीदी की रसोई' शुरू की जाएगी।
वहीं, निजी एजेंसियों के स्थान पर जीविका दीदियों को सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी देकर स्वच्छता की गुणवत्ता में सुधार के साथ ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का भी लक्ष्य रखा गया है।