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Monday, June 8, 2026

SUPAUL:नौकरी का लालच देकर नेपाल से लाई जा रही थी नाबालिग,बॉर्डर पर SSB ने बचाया

सुपौल: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को बड़ी सफलता मिली है। एसएसबी जवानों ने भीमनगर चेक पोस्ट पर कार्रवाई करते हुए मानव तस्करी के एक प्रयास को विफल कर 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को सुरक्षित बचा लिया।

द्वितीय कमान अधिकारी एवं कार्यवाहक कमांडेंट जगदीश कुमार शर्मा ने बताया कि सीमा चौकी भीमनगर पर नियमित जांच और निगरानी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान नेपाल से भारत की ओर आ रही दो युवतियों की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं, जिसके बाद जवानों ने उन्हें रोककर पूछताछ शुरू की।

जांच के दौरान दोनों महिलाओं से पहचान पत्र और यात्रा संबंधी जानकारी मांगी गई। पूछताछ में दोनों ने अलग-अलग और विरोधाभासी जवाब दिए। बार-बार बयान बदलने पर जवानों का संदेह गहरा गया और विस्तृत जांच शुरू की गई।

गहन पूछताछ में मामला मानव तस्करी से जुड़ा पाया गया। जांच में सामने आया कि एक युवती, जिसने अपनी पहचान मधुबनी निवासी 23 वर्षीय आरती कुमारी के रूप में बताई, अपने साथ नेपाल से एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को भारत ला रही थी।

पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि किशोरी को नौकरी दिलाने का झांसा देकर नेपाल से भारत लाया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसबी ने तुरंत मानव तस्करी विरोधी तंत्र को सक्रिय कर दिया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।

इसके बाद सर्वो प्रयास संस्था और जागरण कल्याण भारती के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। बचाई गई नाबालिग लड़की और संदिग्ध महिला को आगे की कार्रवाई के लिए भीमनगर थाना पुलिस को सौंप दिया गया।

एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी, अवैध गतिविधियों और अन्य सीमा अपराधों पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी और गश्त बढ़ाई जा रही है। इस अभियान में सहायक उप निरीक्षक मोहनलाल सहित कई जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अधिकारियों ने कहा कि 45वीं वाहिनी एसएसबी भविष्य में भी मानव तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रखेगी, ताकि मासूम बच्चों और महिलाओं को तस्करों के चंगुल से बचाया जा सके तथा सीमा क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सके।