नेपाल से बिहार में शराब तस्करी की बड़ी कोशिश नाकाम, SSB ने 193 बोतल नेपाली शराब के साथ 3 तस्करों को दबोचा
सुपौल जिले के वीरपुर में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात 45वीं वाहिनी Sashastra Seema Bal (एसएसबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब तस्करी के एक प्रयास को विफल कर दिया। सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से भारी मात्रा में नेपाली शराब बरामद की गई। यह कार्रवाई सीमा पार हो रही अवैध तस्करी पर कड़ी निगरानी और सतर्कता का परिणाम मानी जा रही है।
बताया गया कि सीमा चौकी सतना की विशेष गश्ती टीम नियमित निगरानी पर थी। इसी दौरान सीमा स्तंभ संख्या 202 के पास जवानों की नजर नेपाल से भारत की ओर आ रहे तीन संदिग्ध व्यक्तियों पर पड़ी। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर एसएसबी जवानों ने तुरंत उन्हें रोक लिया और पूछताछ शुरू की।
पूछताछ के दौरान तीनों ने अपनी पहचान फतेहपुर गांव, जिला Supaul निवासी जितेंद्र शर्मा, अर्जुन कुमार मुखिया और कोमल कुमार शर्मा के रूप में बताई। प्रारंभिक पूछताछ के बाद जब उनकी तलाशी ली गई तो जवान भी बरामद सामान देखकर चौंक गए।
तलाशी के दौरान उनके पास से कुल 193 बोतल नेपाली शराब बरामद हुई। बरामद शराब में उमंगा ब्रांड की 145 बोतल और ब्रिक्स ब्रांड की 48 बोतल शामिल है। प्रत्येक बोतल 300 मिलीलीटर की थी। इस तरह कुल लगभग 57.9 लीटर शराब जब्त की गई। इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी यह संकेत देती है कि मामला किसी संगठित तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। बरामद शराब के साथ सभी आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए Virpur Police Station वीरपुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि गिरफ्तार तस्कर किन लोगों के संपर्क में थे, शराब की खेप कहां पहुंचाई जानी थी और इसका नेटवर्क बिहार के किन-किन जिलों तक फैला हुआ है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस गिरोह के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है।
45वीं वाहिनी एसएसबी, वीरपुर के कमांडेंट Gaurav Singh ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी, अवैध कारोबार और संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए लगातार सघन निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि नियमित गश्त, खुफिया सूचना और जवानों की सतर्कता के कारण इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीमा पर किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
एसएसबी ने सीमा क्षेत्र के स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि अगर किसी को भी सीमा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि, अवैध आवाजाही या तस्करी की सूचना मिले तो तुरंत सुरक्षा बलों या स्थानीय पुलिस को सूचित करें। उनका मानना है कि स्थानीय लोगों के सहयोग से ही सीमा पार होने वाली अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकता है।
इस कार्रवाई के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा और सतर्कता और बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब सीमा क्षेत्र में विशेष निगरानी रख रही हैं ताकि भविष्य में तस्करी के किसी भी प्रयास को समय रहते विफल किया जा