Kosi Live-कोशी लाइव Guru Rahman: 'खान झूठा-गद्दार, मैं रौशन के साथ', कौन हैं हिंदू लड़की से शादी करने वाले दारोगा गुरु? - Kosi Live-कोशी लाइव

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Wednesday, June 17, 2026

Guru Rahman: 'खान झूठा-गद्दार, मैं रौशन के साथ', कौन हैं हिंदू लड़की से शादी करने वाले दारोगा गुरु?

Guru Rahman: कोचिंग फायरिंग केस की वजह से इन दिनों मशहूर टीचर खान सर विवादों में है तो वहीं 'ज्ञान बिंदु' कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पटना प्रशासन से लेकर छात्र समुदाय तक में हड़कंप पैदा कर दिया है।
जहां एक ओर खान सर ने प्रिंस की मौत पर अफसोस जताया है, वहीं दूसरी ओर बेल मिलने के बाद जेल से बाहर आए रौशन आनंद ने खुले तौर पर खान सर को ही अपने भाई की मौत का जिम्मेदार ठहराया है।

 

आरोप-प्रत्यारोप के बीच में अब लोकप्रिय शिक्षक गुरु रहमान की एंट्री हुई है और उन्होंने खान सर को लेकर जो कहा, उसने खान बनाम रौशन आनंद की जंग को एक नई बहस का मौका दे दिया है।

'खान बहुत झूठ बोलता है, मैं रौशन के साथ'

पीटीआई से बात करते हुए गुरु रहमान ने कहा कि 'खान सर और रोशन आनंद के बीच हुई लड़ाई में रोशन ने अपने भाई को खो दिया, यह दिल दहला देने वाली घटना है, मैं रोशन के साथ हूं। मैं 2018 से यह लड़ाई देख रहा हूं, वे ज़्यादा से ज़्यादा रिज़ल्ट लाने के लिए लड़ रहे थे, उनके रिश्ते खराब थे। खान बहुत झूठ बोलता है। मेरा कहना है कि आरोपी को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।'

क्या खान सर इस्लाम का मतलब जानते हैं? भड़के गुरु रहमान

हालांकि इसके बाद उन्होंने 'बिहार तक' से बात करते हुए दोनों टीचरों को कसकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि 'जेल से बाहर आते ही रौशन ने 'जय सनातन' के नारे लगाए और उधर खान सर 'मुस्लिम कार्ड' खेल रहे हैं, क्या रौशन आनंद सनातन का मतलब समझते हैं? क्या खान सर इस्लाम का अर्थ जानते हैं? झूठ बोलना और फ्रॉड करना किसी धर्म में नहीं है। अगर टीचर ही समाज को धर्म के नाम पर बांटने का काम करने लगे तो मेरी नजर में वो टीचर नहीं 'गद्दार' है।'

 

'दारोगा गुरु' के नाम से लोकप्रिय हैं Guru Rahman

रहमान सर का ये बयान सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। कुछ लोग उनके साथ नजर आ रहे हैं तो कुछ लोग उन्हें ही कोस रहे हैं। मालूम हो कि पटना समेत पूरे बिहार में गुरु रहमान को लोग 'दारोगा गुरु' कहकर बुलाते हैं।

रहमान सर के पढ़ाए 7856 छात्र-छात्राएं दारोगा बन चुके हैं

साल 1994 से वो गरीब बच्चों, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर को पढ़ा रहे हैं। अब तक उनके पढ़ाए हुए 7856 छात्र-छात्राएं दारोगा बन चुके हैं इसलिए वो 'दारोगा गुरु' के नाम से विख्यात हैं, हालांकि वो केवल दारोगा के एग्जाम की तैयारी नहीं करवाते बल्कि सिविल सर्विसेज और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी स्टूडेंट को कोचिंग देते हैं।

11 रुपये की गुरु दक्षिणा के साथ रहमान सर छात्र-छात्राओं को पढ़ाते हैं

सबसे खास बात ये है कि गुरु रहमान आज भी 11 रुपये की गुरु दक्षिणा के साथ छात्रों को शिक्षित करने का काम कर रहे हैं। साल 2007 में पटना में आयोजित वर्ल्ड समिट के कार्यक्रम में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने ही उन्हें 'गुरु' की उपाधि से नवाजा था और तब से ही रहमान सर 'गुरु रहमान' बन गए।

 

कोचिंग संस्थान का नाम अदम्य अदिति गुरुकुल

इनकी कोचिंग संस्थान का नाम अदम्य अदिति गुरुकुल है , आर्थिक तौर पर कमज़ोर बच्चों के लिए मसीहा बने रहमान सर ने अपनी बेटी के नाम पर इस संस्थान का नाम पर अदम्य अदिति गुरुकुल रखा है। रहमान सर पुलिस इंस्पेक्टर के बेटे हैं और आईएएस बनना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने काफी प्रयास भी किया लेकिन सफल नहीं हो पाए और इसके बाद उन्होंने शिक्षक बनने का फैसला किया।

 

हिंदू अमिता से पहली नजर में दिल लगा बैठे रहमान सर

आईएएस की तैयारी के दौरान ही साल 1997 में दिल्ली में उनकी मुलाकात अमिता कुमारी नाम की लड़की से हुई, जिन पर वो पहली नजर में ही दिल हार बैठे थे लेकिन एक मुस्लिम लड़के की हिंदू लड़की से शादी उस वक्त आसान नहीं थी इसलिए दोनों लोगों के घर में इसका काफी विरोध हुआ।

धर्म-परिवर्तन नहीं किया और ना ही दुनिया के सामने झुके

लेकिन दोनों ने अपने प्यार को नहीं छोड़ा और ना ही हिम्मत हारी और तमाम संघर्षों के बाद साल 2007 में दोनों की शादी हुई हालांकि इस शादी की वजह से दोनों को केवल पारिवारिक विरोध ही नहीं झेलना पड़ा बल्कि सामाजिक बॉयकॉट का भी सामना करना पड़ा। शादी के बाद दोनों ने ही धर्म-परिवर्तन नहीं किया और ना ही दुनिया के सामने झुके और सफल वैवाहिक जीवन गुजार रहे हैं, रहमान और अमिता को शादी से दो बच्चे हैं।

 

रहमान सर ने पाकिस्तान में दिया था ऋग्वेद पर भाषण

आपको बता दें कि गुरु रहमान ट्रिपल एमए और पीएचडी हैं और हनुमान जी के बहुत बड़े भक्त हैं, उन्होंने साल 2005 में पाकिस्तान की लाहौर में चल रहे पुस्तक मेला में ऋग्वेद पर एक घंटे का भाषण दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'सनातन कोई धर्म नहीं बल्कि एक जीवन शैली है और परंपरा जो इंसान को सही दिशा की ओर चलने का पाठ पढ़ाती है।'