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Thursday, June 4, 2026

AI से फर्जी वीडियो बनाकर पुलिस और सरकार की छवि बिगाड़ने का आरोप, सहरसा में युवक गिरफ्तार

हेडलाइन:
AI से फर्जी वीडियो बनाकर पुलिस और सरकार की छवि बिगाड़ने का आरोप, सहरसा में युवक गिरफ्तार

सबहेड:
फेसबुक पर महिला पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट और भ्रामक वीडियो प्रसारित करने का मामला, साइबर थाना में दर्ज हुई प्राथमिकी

सहरसा:
सहरसा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इन वीडियो के जरिए सरकार, पुलिस प्रशासन और महिला पुलिसकर्मियों की छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही थी। मामले में साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना से प्राप्त सूचना के आधार पर सहरसा साइबर थाना में 1 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान आरोपी की पहचान कर गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस मुख्यालय से मिली थी सूचना

सहरसा साइबर थाना के अपर थानाध्यक्ष रविश रंजन को बिहार पुलिस मुख्यालय से सरकारी नंबर पर सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना में बताया गया था कि फेसबुक पर 'A one media' नामक प्रोफाइल से AI तकनीक की मदद से संपादित कई भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो अपलोड किए जा रहे हैं।

इन वीडियो और पोस्ट के माध्यम से सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने के साथ-साथ महिला पुलिसकर्मियों के संबंध में अशोभनीय और आपत्तिजनक सामग्री साझा की जा रही थी।

जांच में सामने आया आरोपी का नाम

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। तकनीकी अनुसंधान और सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच के बाद उक्त फेसबुक आईडी के संचालक की पहचान सहरसा जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र के चौराही निवासी सुजीत कुमार के रूप में की गई।

गुरुवार को सलखुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के सहयोग से पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

AI तकनीक का गलत इस्तेमाल गंभीर अपराध

साइबर थाना के थानाध्यक्ष रविश रंजन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक का उपयोग समाज के हित में होना चाहिए, लेकिन इसका दुरुपयोग कर झूठी अफवाहें फैलाना, किसी व्यक्ति या संस्था की छवि खराब करना और सामाजिक वैमनस्य पैदा करना गंभीर एवं संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।

उन्होंने कहा कि पुलिस सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक और फर्जी कंटेंट पर लगातार नजर रख रही है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आगे की कार्रवाई जारी

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने ऐसे वीडियो किस उद्देश्य से बनाए और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं। साइबर थाना पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।