पूर्णिया: केनगर थाना क्षेत्र के बेगमपुर गांव की 24 वर्षीय विवाहिता नुसरत परवीन की हत्या ने पूरे सीमांचल इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस के अनुसार महिला के पति मो. महबूब ने चरित्र पर शक के कारण इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
आरोप है कि हत्या के बाद आरोपी ने शव के टुकड़े किए और अररिया जिले के बथनाहा थाना क्षेत्र स्थित एक एससी/एसटी कॉलेज परिसर में गड्ढा खोदकर दफना दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी निशानदेही पर शव बरामद करने की प्रक्रिया जारी है।
प्रेम विवाह के बाद बिगड़ने लगे हालात
मृतका की मां कमरूल निशा ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले उनकी बेटी नुसरत परवीन ने पड़ोस के ही मो. मुस्ताक के पुत्र मो. महबूब से प्रेम विवाह किया था। शादी के कुछ समय बाद ही महबूब को स्मैक, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की लत लग गई।
परिजनों का आरोप है कि उसने नुसरत को भी नशे की लत लगा दी थी। इसके बावजूद दोनों किसी तरह साथ रह रहे थे।
दहेज को लेकर बढ़ता गया विवाद
करीब छह महीने पहले आरोपी के पिता ने दोनों को घर से निकाल दिया। इसके बाद महबूब अपनी तीन माह की गर्भवती पत्नी और तीन साल की बेटी को लेकर गांव छोड़कर चला गया।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि इसके बाद वह फोन पर दहेज की मांग करने लगा। दहेज नहीं मिलने पर वह नुसरत को प्रताड़ित करता था और मायके वालों को उसकी सही जानकारी भी नहीं देता था।
“किसी के साथ भाग गई” कहकर करता रहा गुमराह
पांच दिन पहले आरोपी अपनी तीन साल की बेटी को लेकर अकेले गांव पहुंचा। जब परिजनों ने नुसरत के बारे में पूछा तो उसने कहा कि वह किसी दूसरे व्यक्ति के साथ भाग गई है।
परिजनों को उसकी बातों पर शक हुआ और उन्होंने केनगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस पूछताछ में कबूला जुर्म
पुलिस ने पहले आरोपी के पिता को हिरासत में लिया और बाद में महबूब को पकड़कर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने पत्नी की हत्या की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने बताया कि वह अररिया जिले के बथनाहा थाना क्षेत्र स्थित एक एससी/एसटी कॉलेज में राजमिस्त्री का काम करता था। वहीं उसने धारदार हथियार से पत्नी की हत्या कर शव को गड्ढे में दफना दिया।
इस हत्याकांड के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतका के परिजनों ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है।