किशनगंज: पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने महिला थाना की अपर थानाध्यक्ष एवं पुलिस अवर निरीक्षक सुधा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर लंबित मामलों के निष्पादन में लापरवाही बरतने और न्यायालय में कांड दैनिकी समय पर नहीं भेजने का आरोप है।
साइबर डीएसपी की जांच में खुलासा
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर डीएसपी द्वारा मामले की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि सुधा कुमारी ने कई मामलों की कांड दैनिकी समय पर न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की, जबकि इसके लिए पूर्व में निर्देश दिए गए थे।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, महिला थाना में करीब आठ माह की पदस्थापना अवधि के दौरान उनके जिम्मे कुल 21 मामले थे, जिनमें से केवल दो मामलों का ही निष्पादन किया गया। बाकी बड़ी संख्या में मामले लंबित पाए गए।
पॉक्सो और दुष्कर्म मामलों में भी देरी
पुलिस के मुताबिक लंबित मामलों में पॉक्सो और दुष्कर्म से जुड़े गंभीर मामले भी शामिल हैं। ऐसे मामलों का अनुसंधान कानूनन 60 दिनों के भीतर पूरा किया जाना अनिवार्य होता है।
इसके बावजूद जांच में शिथिलता और लापरवाही बरतना विभागीय नियमों का उल्लंघन माना गया है। पुलिस प्रशासन ने इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर उदासीनता बताया है।
सात दिनों में मांगा स्पष्टीकरण
एसपी संतोष कुमार ने सुधा कुमारी को जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित करते हुए सात दिनों के भीतर विभागीय कार्रवाई के संबंध में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विभाग में “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत अनुशासनहीनता, लापरवाही और संदिग्ध आचरण के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।