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CM सम्राट चौधरी का सख्त संदेश: ‘अपराधियों की तस्वीरों पर माला चढ़ाइए’, DM-SP को कानून-व्यवस्था सुधारने का टारगेट
पटना में DM-SP की बड़ी कार्यशाला, पहली बार सीधा संवाद
पटना में गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पदभार संभालने के बाद पहली बार राज्य के सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ सीधा संवाद किया। एक दिवसीय इस कार्यशाला में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, आईजी, डीआईजी, पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
अपराध पर जीरो टॉलरेंस, सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। खासकर बच्चियों के साथ होने वाले अपराधों पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा,
“पीड़ित बच्चियों की तेरहवीं से पहले अपराधियों की तस्वीरों पर माला चढ़ा दीजिए, तुरंत केस दर्ज कर चार्जशीट दाखिल करें और सख्त सजा दिलवाएं।”
DM-SP को दिया ‘गुरुमंत्र’
सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को रोजाना जनता की समस्याएं सुनने और समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कार्यालय में बैठकर लोगों की शिकायतें सुनें।
उन्होंने अपने 27 साल के अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि सही सोच वाले डीएम और एसपी जिले की 75% समस्याएं खुद खत्म कर सकते हैं।
डायल 112 को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम डायल 112 को और अधिक सशक्त बनाने के निर्देश दिए, ताकि आम लोगों को त्वरित पुलिस सहायता मिल सके।
मुख्य सचिव ने भी अधिकारियों को दी नसीहत
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि सभी अधिकारी सक्षम हैं, जरूरत है अपनी क्षमता का पूरा उपयोग करने की।
उन्होंने कहा, “समय अच्छा है, अच्छा करके दिखाइए।”
उद्योगपतियों को सुरक्षा, हर जिले में इंडस्ट्री हब बनाने की योजना
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर जिले में इंडस्ट्री हब विकसित किया जाए।
दूसरे राज्यों से आने वाले उद्योगपतियों को सुरक्षा देने और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक-एक अधिकारी को टैग करने को कहा गया।
AI से स्मार्ट पुलिसिंग पर फोकस
कार्यशाला में बेहतर पुलिसिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर भी चर्चा हुई।
अपराध नियंत्रण, डेटा एनालिसिस और निगरानी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया।
अहम मानी जा रही बैठक
यह कार्यशाला बिहार में प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था को नई दिशा देने के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है। इससे राज्य में बेहतर कानून-व्यवस्था और स्मार्ट पुलिसिंग मॉडल विकसित होने की उम्मीद जताई जा रही है।