पटना: बिहार सरकार द्वारा राज्य के 11 जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। इस योजना के तहत सबसे पहले कोर एरिया तैयार किया जाएगा, जहां फिलहाल हरित पट्टी जैसी खाली जमीन है और कोई बड़ा निर्माण नहीं है। इससे किसानों से जमीन अधिग्रहण और विकास कार्य में आसानी होगी।
मिली जानकारी के अनुसार, कोर एरिया को पहले विकसित कर वहां आवासीय, व्यावसायिक और सामुदायिक जोन बनाए जाएंगे। इसके बाद इस टाउनशिप का विस्तार स्पेशल एरिया तक किया जाएगा।
टाउनशिप में क्या-क्या बनेगा
नई टाउनशिप में चौड़ी सड़कें, स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज सिस्टम, पार्क, खेल मैदान और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जमीन का उपयोग इस प्रकार होगा—
3 प्रतिशत हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवास के लिए सुरक्षित रहेगा
5 प्रतिशत हिस्सा हरियाली और पार्क के लिए रखा जाएगा
15 प्रतिशत हिस्सा प्लानिंग अथॉरिटी के पास रहेगा
शेष हिस्से में सड़क और बुनियादी ढांचे का विकास होगा
विकसित जमीन का बड़ा हिस्सा जमीन मालिकों को वापस दिया जाएगा
पटना में सबसे बड़ा स्पेशल एरिया
बताया गया कि पटना की टाउनशिप का स्पेशल एरिया राज्य में सबसे बड़ा होगा, जिसमें 81 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि शामिल है। वहीं सोनपुर का कोर एरिया लगभग दो हजार एकड़ में फैला होगा, जो बिहार का सबसे बड़ा कोर एरिया माना जा रहा है।
एयरपोर्ट और कनेक्टिविटी पर भी जोर
सरकार नई टाउनशिप को आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की तैयारी में है। इसके लिए सड़क, रेल और हवाई संपर्क को मजबूत किया जाएगा। सोनपुर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट तथा भागलपुर टाउनशिप के लिए सुल्तानगंज में एयरपोर्ट प्रस्तावित है।
किसानों को कैसे होगा फायदा
अभी किसानों की बिखरी हुई जमीन को समेटकर उन्हें विकसित प्लॉट लौटाया जाएगा। इन प्लॉटों तक पक्की सड़क, बिजली, पानी और नाली जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध होंगी। इससे जमीन की उपयोगिता और कीमत कई गुना बढ़ जाएगी। आज जो खेत सामान्य कीमत पर बिकता है, वही विकसित होने के बाद सोने के भाव बिक सकता है।