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Thursday, April 30, 2026

BIHAR:‘रील’ के चक्कर में फंसा चौकीदार का बेटा, पिता की वर्दी पहन बनाया वीडियो; FIR दर्ज

हेडलाइंस:
वैशाली में ‘रील’ के चक्कर में फंसा चौकीदार का बेटा, पिता की वर्दी पहन बनाया वीडियो; FIR दर्ज

वैशाली:
बिहार के वैशाली जिले के सहदेई बुजुर्ग थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर रील बनाने का शौक एक परिवार के लिए भारी पड़ गया। सहदेई थाने में तैनात चौकीदार विपिन पासवान के बेटे रौशन कुमार ने अपने पिता की सरकारी वर्दी पहनकर वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और अब आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

वर्दी पहनकर बनाया रील, थाना जीप भी दिखी
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि रौशन कुमार पुलिस की वर्दी पहने हुए भोजपुरी गानों पर रौब जमाते हुए रील बना रहा है। इतना ही नहीं, वीडियो में थाना की गश्ती जीप भी दिखाई दे रही है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर उसे सरकारी संसाधनों तक पहुंच कैसे मिली।

ड्यूटी करने की भी चर्चा, उठे गंभीर सवाल
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि रौशन कुमार कई बार अपने पिता की जगह ड्यूटी करने भी पहुंच जाता था। यदि यह बात सही साबित होती है, तो यह न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है बल्कि पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्यालय के आदेशों की उड़ाई धज्जियां
हाल ही में बिहार पुलिस मुख्यालय ने वर्दी में या ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील बनाने पर सख्त रोक लगाने के निर्देश दिए थे। सभी जिलों के एसपी को स्पष्ट आदेश था कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके बावजूद वैशाली में इस तरह की घटना सामने आना आदेशों की अनदेखी को दर्शाता है।

FIR दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
वीडियो वायरल होने के बाद वैशाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रौशन कुमार के खिलाफ अवैध रूप से सरकारी वर्दी के उपयोग और पुलिस की छवि धूमिल करने के आरोप में FIR दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है और साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में विभागीय स्तर पर कहां चूक हुई।

तारीख की पुष्टि बाकी, लेकिन कार्रवाई तेज
हालांकि वायरल वीडियो किस तारीख का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सरकारी वर्दी और संसाधनों के दुरुपयोग को लेकर नियमों का पालन जमीन पर कितना हो रहा है।