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Thursday, April 2, 2026

80 करोड़ की काली कमाई का खुलासा: किशनगंज के SDPO गौतम कुमार पर मनी लॉन्ड्रिंग केस की तैयारी, बेनामी संपत्ति की जांच तेज

हेडलाइन:
80 करोड़ की काली कमाई का खुलासा: किशनगंज के SDPO गौतम कुमार पर मनी लॉन्ड्रिंग केस की तैयारी, बेनामी संपत्ति की जांच तेज

खबर:
किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार की कथित काली कमाई का बड़ा खुलासा हुआ है। आय से अधिक लगभग 80 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाने के आरोपों के बीच अब उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज होने की तैयारी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उनकी बेनामी संपत्तियों की जांच करेगा। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने गौतम कुमार के छह ठिकानों से बरामद चल-अचल संपत्तियों की विस्तृत सूची और डीए (डिसप्रोपोर्शनट एसेट) केस की कॉपी गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय को भेज दी है।

पुलिस मुख्यालय पहले गौतम कुमार को शोकॉज नोटिस जारी करेगा, इसके बाद उनके कार्यकाल और संपत्तियों की जांच कराई जाएगी। सूत्रों के मुताबिक उनका निलंबन लगभग तय माना जा रहा है। फिलहाल उन्हें पुलिस मुख्यालय से क्लोज कर दिया गया है और उनकी जगह किशनगंज एसडीपीओ-2 मंगलेश कुमार को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

गौतम कुमार 1994 बैच के दारोगा हैं, जो प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर और फिर एसडीपीओ बने। जांच में सामने आया है कि उन्होंने अपने नाम पर कहीं भी संपत्ति नहीं खरीदी, बल्कि पत्नी, सास, बेटे और कथित महिला मित्र के नाम पर बड़े पैमाने पर जमीन-जायदाद अर्जित की।

परिजनों और महिला मित्र के नाम पर संपत्ति
जांच में खुलासा हुआ है कि पूर्णिया में कुल 16 प्लॉट खरीदे गए हैं। इनमें 7 प्लॉट कथित महिला मित्र, 4 पत्नी रुबी कश्यप, 3 सास पूनम देवी और 1 बेटे सिद्धार्थ गौतम के नाम पर है। इसके अलावा पूर्णिया में करीब 2.10 करोड़ रुपये का आलीशान मकान भी बनाया गया है। कोरटवाड़ी और खजांची हाट इलाके में बड़ी मात्रा में आवासीय और कृषि भूमि भी खरीदी गई है।

लग्जरी गाड़ियां और महंगी वस्तुएं बरामद
गौतम कुमार के पास दो थार और एक क्रेटा गाड़ी पाई गई है। क्रेटा उनके नाम पर है, जबकि एक थार सास और दूसरी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज है। किशनगंज स्थित आवास से महंगी घड़ियां और अन्य कीमती सामान भी बरामद हुए हैं। पटना में अस्पताल निर्माण का नक्शा और मुन्नाचक में एक आलीशान मकान के दस्तावेज भी मिले हैं।

महिला मित्र और संदिग्ध लेन-देन की जांच
ईओयू को जांच में यह भी पता चला है कि गौतम कुमार ने अपनी कथित महिला मित्र के नाम से ट्रक खरीदा और उसके खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर की। महिला के घर से जेवर खरीद की 10 रसीदें भी बरामद हुई हैं। इस संबंध में दोनों के बीच व्यक्तिगत रिश्तों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।

विधायक कनेक्शन और बाहरी निवेश की जांच
जांच एजेंसी को शक है कि पूर्णिया के एक विधायक के साथ मिलकर गौतम कुमार ने सिलीगुड़ी में चाय बागान में निवेश किया है। इसके अलावा नोएडा और गुरुग्राम में फ्लैट खरीदने की भी जानकारी सामने आई है। इन निवेशों में अन्य लोगों की भागीदारी की भी जांच की जा रही है।

सहरसा के अधिकारी भी जांच के घेरे में
इसी मामले में सहरसा के डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार पर भी कार्रवाई की तैयारी है। उन पर 2016 से 2025 के बीच करीब 10 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। ईओयू ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और संपत्ति का ब्योरा ग्रामीण विकास विभाग को भेजा है।

वैभव कुमार ने अपने, पत्नी नेहा नंदिनी, नाबालिग बेटे और पिता के नाम पर 16 भूखंड खरीदे हैं। मुजफ्फरपुर में मकान, आईटीआई संस्थान और पैतृक गांव में घर निर्माण पर भी लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। विभाग ने उनकी पोस्टिंग, कार्यकाल और योजनाओं में भूमिका की जानकारी मांगी है।

जांच जारी, कार्रवाई तय
ईओयू ने गौतम कुमार की संपत्तियों और उनके नेटवर्क की जांच के लिए अलग टीम गठित की है। महिला मित्र, राजनीतिक कनेक्शन और अन्य निवेशों की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।