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सहरसा में JDU नेता के ईंट-भट्ठे का काला सच: नाबालिगों से डांस, बैड टच के आरोप; विरोध पर करंट और गोली, 7 बच्चियां रेस्क्यू
सहरसा | जिले से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। JDU नेता ओवेश करनी उर्फ चुन्ना मियां के ईंट-भट्ठे से पुलिस ने 7 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया है। परिजनों और मजदूरों ने आरोपी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वह नाबालिग लड़कियों को रात में अपने प्राइवेट कमरे में बुलाकर डांस करवाता था, उनके साथ बैड टच करता था और विरोध करने पर मजदूरों के साथ मारपीट व करंट से प्रताड़ित करता था।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है।
15 साल से चला रहा था भट्ठा, 6 महीने पहले आए थे मजदूर
आरोपी पिछले 15 वर्षों से ईंट-भट्ठा चला रहा है। करीब 6 महीने पहले असम से लगभग 100 मजदूर परिवार यहां काम करने आए थे। मजदूरों का कहना है कि शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ महीनों बाद मालिक का व्यवहार बेहद क्रूर हो गया।
रात में बच्चियों को ले जाता था कमरे में
मजदूरों के अनुसार, दिनभर कड़ी मेहनत करवाने के बाद रात में उनकी नाबालिग बेटियों को जबरन अपने कमरे में बुलाया जाता था। वहां उनसे डांस करवाया जाता था और गलत हरकतें की जाती थीं। देर रात 3 बजे के आसपास उन्हें वापस छोड़ दिया जाता था।
एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी सिगरेट पीते हुए लड़की को गाने पर डांस करने के लिए इशारा करता दिख रहा है।
विरोध करने पर करंट और मारपीट
मजदूरों ने बताया कि अगर कोई विरोध करता, तो उसे बुरी तरह पीटा जाता था। कई बार करंट का झटका दिया जाता था। यहां तक कि बीमार पड़ने पर काम न करने वाले मजदूरों को रस्सी से बांधकर लटका दिया जाता था।
मजदूरों का कहना है कि उन्हें जानवरों की तरह ट्रीट किया जाता था और हमेशा जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
मां ने रोका तो चला दी गोली
शनिवार रात करीब 2 बजे एक बच्ची को जबरन ले जाया जा रहा था। उसकी मां ने विरोध किया, तो आरोपी ने फायरिंग कर दी। गोली महिला के जांघ में लगी। घटना के बाद मजदूरों में दहशत फैल गई और कोई आगे आने की हिम्मत नहीं कर सका।
पहले भी होती रही घटनाएं, डर से चुप रहे मजदूर
मजदूरों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। पहले भी कई बार लड़कियों और महिलाओं के साथ गलत व्यवहार हुआ, लेकिन बाहरी होने और जान के डर से कोई शिकायत नहीं कर सका। कुछ मजदूर पहले ही डरकर वहां से भाग चुके थे।
पुलिस की कार्रवाई: SIT गठित, जांच जारी
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायल महिला को इलाज के लिए भेजा और भट्ठे पर छापेमारी की। 7 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू कर काउंसलिंग के लिए भेजा गया है।
सहरसा DSP ओम प्रकाश ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया गया है। डॉग स्क्वायड की मदद से जांच की जा रही है और हर पहलू पर बारीकी से पड़ताल हो रही है।
इलाके में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस सभी आरोपों की जांच में जुटी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।