शेखपुरा। शिक्षा के लिए दी जाने वाली स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में अब सख्ती बढ़ा दी गई है। लोन लेने के बाद भुगतान नहीं करने वाले छात्रों पर कार्रवाई शुरू हो गई है।जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र ने डिफॉल्टर छात्रों की पहचान की है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि लोन हर हाल में चुकाना होगा। नौकरी नहीं मिलने का तर्क अब मान्य नहीं होगा। कार्रवाई की खबर से छात्रों में हड़कंप मच गया है।
504 छात्र-छात्राएं चिह्नित, 214 पर केस दर्ज
जिले में कुल 504 छात्र-छात्राओं को डिफॉल्टर के रूप में चिह्नित किया गया है। इनमें से 214 विद्यार्थियों पर सर्टिफिकेट केस दर्ज किया जा चुका है।
बाकी मामलों में भी प्रक्रिया तेजी से चल रही है। विभाग ने चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई शुरू की है। कई छात्रों ने अब भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन की सख्ती का असर दिखने लगा है।
10 करोड़ से अधिक की बकाया राशि
विभाग के अनुसार चिह्नित छात्रों पर 10 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। इस राशि की वसूली के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
अब तक करीब 40 लाख रुपये की रिकवरी हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी वसूली जारी रहेगी। बकाया राशि वसूलने के लिए कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। डिफॉल्टरों पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
गलतफहमी में न रहें छात्र, हर हाल में लौटाना होगा लोन
असिस्टेंट मैनेजर अमृता पासवान ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में दलाल छात्रों को गुमराह करते हैं।
यह गलत धारणा फैलाई जाती है कि नौकरी न मिलने पर लोन माफ हो जाएगा। जबकि यह पूरी तरह गलत है और भ्रामक जानकारी है।
सरकार केवल पढ़ाई के लिए लोन देती है, माफी नहीं। मूलधन की राशि हर हाल में छात्रों को ही चुकानी होगी।
लोन चुकाने की तय है समय सीमा
विभाग के अनुसार लोन भुगतान के लिए स्पष्ट समय सीमा तय है। दो लाख रुपये तक का लोन सात वर्षों में चुकाना होता है।
चार लाख रुपये तक के लोन के लिए दस वर्षों का समय मिलता है। भुगतान किस्तों के माध्यम से करना अनिवार्य है।
इसके बावजूद कई छात्र समय पर किस्त नहीं जमा कर रहे हैं। इसी कारण विभाग को सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं।
समय पर भुगतान नहीं तो और कड़ी कार्रवाई तय
अधिकारियों ने छात्रों से समय पर भुगतान करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई होगी।
आने वाले दिनों में और अधिक केस दर्ज किए जा सकते हैं।
कानूनी प्रक्रिया शुरू होने से छात्रों में चिंता बढ़ी है। कई छात्र अब जल्द से जल्द कर्ज चुकाने में जुट गए हैं।प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों से समझौता नहीं होगा।