Madhepura Engineering Student Death:
पटना के शंभू कॉलेज में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अभी सुलझा भी नहीं था कि अब मधेपुरा से भी एक मिलता-जुलता मामला सामने आ गया है। 2 फरवरी को बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में एक इंजीनियरिंग छात्रा की लाश उसके कमरे में फंदे से झूलती हुई मिली। अब इस मामले में नए-नए सवाल और एंगल सामने आ रहे हैं।
देर रात मृतका के माता-पिता और अन्य परिजन मधेपुरा पहुंचे। बेटी का शव देखते ही माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जिससे पूरे कॉलेज परिसर में गमगीन माहौल बन गया।
फंदे से झूलती मिली छात्रा की लाश
मृतका की रूममेट का बयान भी सामने आया है। रूममेट के अनुसार, वे तीन छात्राएं एक ही कमरे में रहती थीं। सोमवार (2 फरवरी) को दोपहर 2 बजे से क्लास थी, लेकिन मृतका क्लास में नहीं गई। साढ़े तीन बजे जब रूममेट क्लास से लौटकर आई तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो आसपास के सीनियर और बैचमेट्स को सूचना दी गई। इसके बाद वार्डन को बुलाया गया। गार्ड्स द्वारा दरवाजा खुलवाने पर बालकनी के दरवाजे से छात्रा की लाश फंदे से झूलती हुई मिली।
रूममेट ने बताया कि पिछले छह महीनों से साथ रहने के दौरान मृत छात्रा ने कभी किसी तरह की परेशानी या तनाव की बात साझा नहीं की थी।
कॉलेज प्रशासन पर उठे सवाल
मृतका के पिता मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मुरारलोचनपुर गांव के निवासी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटी की मौत की जानकारी उन्हें कॉलेज प्रशासन ने नहीं, बल्कि उसकी रूममेट ने दी। उनका कहना है कि रविवार को बेटी से आखिरी बार बात हुई थी और वह पूरी तरह सामान्य लग रही थी। 27 जनवरी को ही वह घर से कॉलेज लौटी थी। सितंबर 2024 में उसका एडमिशन हुआ था और उसने कभी कॉलेज प्रशासन को लेकर किसी तरह की शिकायत नहीं की थी।
बंद कमरे में मौत, कई सवाल कायम
परिजनों ने पुलिस और कॉलेज प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि उनकी मौजूदगी के बिना ही छात्रा के शव को नीचे उतार दिया गया। परिजनों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
हालांकि पुलिस ने मंगलवार की अहले सुबह शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। बंद कमरे में छात्रा की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। फिलहाल पुलिस की नजर मृतका के मोबाइल फोन डिटेल्स, एफएसएल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।