वैशाली पुलिस ने शुक्रवार को गोल्ड लूट मामले में मास्टरमाइंड प्रिंस को एनकाउंटर में ढेर किया है। सदर थाना क्षेत्र के हनुमान नगर कॉलोनी में पटना STF और वैशाली पुलिस ने मिलकर ये कार्रवाई की है।
सुबोध गैंग देश के 7 राज्यों से 300KG से ज्यादा सोना लूट चुकी है। प्रिंस इसी गैंग का सरगना और जेल में बंद सुबोध का राइट हैंड था।
पुलिस ने करौली में प्रिंस के घर पर पोस्टर चिपकाकर उसे सरेंडर करने को कहा था। इसी दौरान शुक्रवार को बिहार STF को इनपुट मिला कि प्रिंस सदर थाना क्षेत्र के हनुमान नगर में एक घर में छिपा है।
सूचना की पुष्टि की गई। सही पाए जाने के बाद पुलिस और STF की टीम ने इलाके को घेर लिया। प्रिंस को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी शुरू की गई। इस दौरान प्रिंस ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में STF ने उसे मार गिराया।
चश्मदीद बोला- पहले उन लोगों ने फायरिंग की
दिलीप कुमार चौधरी ने बताया कि, पास वाली बिल्डिंग में एक लड़का कुछ दिनों से किराए के घर में रहने आया था। प्रिंस उसी के घर में छिपा था। पुलिस को देखते ही उन लोगों ने गोली चलानी शुरू कर दी। मैं घर में टीवी देख रहा था। आवाज सुनकर बाहर आया। मैंने दोनों ओर से गोली चलने की आवाज सुनी।
6 महीने पहले पुलिस कस्टडी से भागा था प्रिंस
प्रिंस 4 सितंबर 2025 को पटना पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया था। वैशाली कोर्ट से पेशी के दौरान भागने के बाद प्रिंस ने पंजाब में गोल्ड लूट की थी। काफी मशक्कत के बाद पटना पुलिस ने प्रिंस को पंजाब से गिरफ्तार किया था।
प्रिंस के आजाद होने से देश में एक बार फिर बड़ी गोल्ड लूट का खतरा मंडराने लगा था। कई राज्यों की पुलिस को प्रिंस की तलाश थी। नेपाल तक पुलिस उसके कनेक्शन खंगाल रही थी।
हवलदार की हत्या कर प्रिंस को छुड़ा ले गए थे गुर्गे
2018 में प्रिंस कुमार को पातेपुर कांड में वैशाली न्यायालय में पेश किया गया था। इस दौरान प्रिंस को छुड़ाने के लिए हवलदार राम एकबाल रविदास पर 3 अज्ञात बदमाशों ने गोली चला दी। इस दौरान प्रिंस हवलदार से हाथापाई करने लगा। तभी हवलदार को गोली लग गई।
हवलदार को सदर अस्पताल, हाजीपुर ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद से वह फरार था। बाद में पटना पुलिस ने पंजाब से उसे गिरफ्तार किया था। तभी से वो पटना की बेऊर जेल में बंद था।