सरकार ने आदेश में क्या कहा
सरकारी आदेश में यह भी कहा गया है कि जो अधिकारी या कर्मचारी हड़ताल के कारण ड्यूटी पर नहीं आएंगे, उन पर नो वर्क, नो पे का नियम लागू होगा. यानी जो काम नहीं करेगा, उसे वेतन नहीं मिलेगा. सरकार का मानना है कि इससे कामकाज प्रभावित होने से बचाया जा सकेगा.
सरकार ने यह भी बताया कि इस समय विधानसभा सत्र चल रहा है और कई अहम सरकारी योजनाएं भी जारी हैं. ऐसे में अंचल कार्यालयों का बंद रहना सही नहीं है. इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं.
डीएम को दिया गया विशेष अधिकार
BDO, RDO और DCLR को कहा गया है कि वे अपने-अपने इलाकों में राजस्व कार्यों की निगरानी करें. जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारी खुद अंचल कार्यालयों में जाकर काम देख सकते हैं. अगर किसी जिले में कर्मचारियों की कमी होती है, तो डीएम को टेम्पररी व्यवस्था करने का अधिकार दिया गया है.
सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि हड़ताल के नाम पर जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए. जमीन और राजस्व से जुड़े काम लोगों के लिए बहुत जरूरी होते हैं, इसलिए इनमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.