Kosi Live-कोशी लाइव BIHAR: नगरपरिषद का जेई ₹9000 घूस लेते गिरफ्तार, तीसरे दिन भी निगरानी की बड़ी कार्रवाई - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Thursday, February 19, 2026

BIHAR: नगरपरिषद का जेई ₹9000 घूस लेते गिरफ्तार, तीसरे दिन भी निगरानी की बड़ी कार्रवाई

मुजफ्फरपुर। Bihar Corruption: जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार तीसरे दिन भी जारी है। गुरुवार को साहेबगंज नगरपरिषद में तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) अमन कुमार को 9000 रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

यह कार्रवाई स्पेशल विजिलेंस यूनिट की टीम ने की है।

सूत्रों के अनुसार, नगरपरिषद से जुड़े एक कार्य के निष्पादन के एवज में जेई अमन कुमार द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने मामले का सत्यापन कराया और इसके बाद ट्रैप की योजना बनाकर तय राशि लेते समय जेई को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी से पूछताछ में जुटी हुई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

भ्रष्टाचार पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

मुजफ्फरपुर में 17 फरवरी से 19 फरवरी 2026 के बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी और स्पेशल विजिलेंस यूनिट की ओर से लगातार बड़ी कार्रवाई की गई है। तीन दिनों में अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया जा चुका है।

1. जिला कृषि पदाधिकारी की गिरफ्तारी (17 फरवरी 2026)
स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने मुजफ्फरपुर के प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार और उनके चालक रामबाबू राय को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोप था कि एक खाद दुकानदार से लाइसेंस रद्द न करने और निरीक्षण के नाम पर घूस मांगी जा रही थी।

2. सदर थाने के दारोगा की गिरफ्तारी (18 फरवरी 2026)
इसके अगले दिन सदर थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर भास्कर कुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में एसएसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।

3. नगरपरिषद के जेई की गिरफ्तारी (19 फरवरी 2026)
अब साहेबगंज नगरपरिषद के जेई अमन कुमार की गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में किसी भी स्तर के अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने स्पष्ट किया है कि पूछताछ के बाद इस मामले में आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि किसी सरकारी पदाधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है, तो तत्काल संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराएं।