बिहार में भू-माफियाओं पर सख्ती: हर अंचल में 2-4 कुख्यात चिन्हित होंगे, जाली दस्तावेज पर 10 साल तक की सजा
पटना: में विधान परिषद के दौरान उपमुख्यमंत्री ने भूमि विवाद और भू-माफियाओं पर कड़ा रुख अपनाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी अंचलों में अधिकारियों को दो से चार कुख्यात भू-माफियाओं को चिन्हित करने का टास्क दिया गया है। ऐसे लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जमीन को विवादित बनाकर कब्जा करने की साजिश बर्दाश्त नहीं होगी। जाली दस्तावेज के मामलों में भी एफआईआर दर्ज होगी, जिसमें सात से दस साल तक की सजा का प्रावधान है।
पुलिस की भूमिका सीमित
उन्होंने कहा कि भूमि विवाद में पुलिस की भूमिका केवल विधि-व्यवस्था नियंत्रण तक सीमित रहेगी। अंचलाधिकारी (सीओ) को सूचना दिए बिना पुलिस विवादित जमीन पर नहीं जाएगी। इस संबंध में सभी डीएम-एसपी को पत्र भेजा जाएगा।
40 लाख मामलों में 11 लाख का निष्पादन
विजय सिन्हा ने बताया कि भूमि विवाद से जुड़े 40 लाख मामलों में से 11 लाख का निष्पादन हो चुका है। 34 लाख दस्तावेजों की स्कैनिंग की गई है। राज्य में हर साल 800 से 1000 लोगों की मौत जमीन विवाद के कारण होती है, जिसे रोकने के लिए ‘भूमि कल्याण जनसंवाद’ की शुरुआत की गई है।
इसी पहल के तहत 40 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री संभव हुई है और 50 प्रतिशत से अधिक किसानों को अनुदान का लाभ मिला है। दूसरे चरण में बकाश्त-टोपो लैंड की समस्या के समाधान और लैंड बैंक बनाने की दिशा में काम होगा।
एक साल में 16 हजार से अधिक नियुक्तियां
विभाग के 22,342 स्वीकृत पदों में से 16,584 रिक्त पदों को एक वर्ष के भीतर भरने का लक्ष्य रखा गया है। 3,303 नए राजस्व कर्मचारी पद सृजित किए गए हैं और अमीन संवर्ग में त्रिस्तरीय पद संरचना लागू की गई है।
खुले में मांस बिक्री पर रोक
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी शहरों में अवैध मांस बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। अब लाइसेंस लेकर ही मांस की बिक्री होगी। खुले बाजार या सड़क किनारे मांस बेचने की अनुमति नहीं होगी। में इस मामले में कार्रवाई भी की गई है और अन्य नगर निकायों को भी इसी तर्ज पर कदम उठाने को कहा गया है।