विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा.
अंतरजातीय विवाह पर अब मिलेंगे ढाई लाख रुपये
राज्य में अभी अंतरजातीय विवाह करने पर समाज कल्याण विभाग की ओर से एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है. अब एससी-एसटी कल्याण विभाग भी अपनी अलग योजना लाने जा रहा है.
प्रस्ताव के मुताबिक, कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़े को ढाई लाख रुपये की सहायता दी जाएगी. इससे पहले मिलने वाली राशि के मुकाबले यह काफी ज्यादा होगी. सरकार का मानना है कि इससे समाज में समानता और भाईचारे का संदेश जाएगा और जातीय भेदभाव को कम करने में मदद मिलेगी.
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मंजूरी मिलने के बाद योजना के नियम, शर्तें और आवेदन की प्रक्रिया सार्वजनिक की जाएगी. कोशिश यह है कि पात्र लोगों तक सीधे और पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचे.
विदेश में पढ़ाई के लिए मिलेगी छात्रवृत्ति
दूसरी योजना उन एससी-एसटी छात्रों के लिए है जो विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं. आर्थिक तंगी की वजह से कई प्रतिभाशाली छात्र विदेश नहीं जा पाते. इसे देखते हुए विभाग ने छात्रवृत्ति देने का प्रस्ताव तैयार किया है.
यह योजना केंद्र सरकार की राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति योजना से जुड़ी होगी. इसके तहत विदेश जाने वाले बिहार के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को आर्थिक मदद दी जाएगी.
केंद्र सरकार को भेजा गया प्रस्ताव
विभाग ने इस योजना को लेकर केंद्र सरकार से बातचीत की है और औपचारिक प्रस्ताव भी भेज दिया है. अगर मंजूरी मिलती है तो 2026-27 से छात्रों को इसका लाभ मिलने लगेगा. छात्रवृत्ति से ट्यूशन फीस, रहने-खाने और अन्य जरूरी खर्चों में सहूलियत मिलेगी.
सरकार का कहना है कि ये दोनों योजनाएं सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगी. एक तरफ अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा मिलेगा, तो दूसरी तरफ गरीब और मेधावी छात्रों के लिए विदेश में पढ़ाई का सपना पूरा करना आसान होगा. अब कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इन योजनाओं के धरातल पर उतरने का इंतजार है.