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Sunday, February 8, 2026

बिहार के 213 प्रखंडों में खुलेंगे नए डिग्री कॉलेज, जुलाई 2026 से शुरू होगी पढ़ाई; भवन बनने तक प्लस-टू स्कूलों में होंगी कक्षाएं

हेडलाइन:
बिहार के 213 प्रखंडों में खुलेंगे नए डिग्री कॉलेज, जुलाई 2026 से शुरू होगी पढ़ाई; भवन बनने तक प्लस-टू स्कूलों में होंगी कक्षाएं

पटना।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा के अनुरूप राज्य के 213 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने और इसी साल जुलाई से स्नातक की पढ़ाई शुरू कराने को लेकर उच्च शिक्षा विभाग युद्धस्तर पर तैयारी में जुट गया है। जिन प्रखंडों में अभी तक कोई भी अंगीभूत या संबद्ध डिग्री कॉलेज नहीं है, वहां भवन निर्माण पूरा होने तक संबंधित प्रखंडों के प्लस-टू स्कूलों के नए भवनों में स्नातक की पढ़ाई कराई जाएगी।

जानकारी के अनुसार, नए डिग्री कॉलेजों के स्थायी भवन और परिसर बनने तक प्लस-टू स्कूलों में अलग-अलग टाइमिंग में कक्षाएं संचालित की जाएंगी। छात्रों को पढ़ाने के लिए प्राध्यापकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी और सभी नए डिग्री कॉलेजों की मान्यता संबंधित विश्वविद्यालयों से ली जाएगी। ये सभी कॉलेज अंगीभूत डिग्री कॉलेज की श्रेणी में होंगे।

उच्च शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘सात निश्चय-3’ के चौथे निश्चय उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य के तहत राज्य के हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है, ताकि खासकर छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे प्रखंड या जिले न जाना पड़े।

वर्तमान में राज्य के कुल 534 प्रखंडों में से 213 प्रखंड ऐसे हैं, जहां कोई भी डिग्री कॉलेज संचालित नहीं है। इसी कारण सरकार ने पहले चरण में इन सभी प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने और जुलाई 2026 से स्नातक स्तर की पढ़ाई शुरू कराने का निर्देश दिया है। इस दिशा में भूमि चिह्नित करने का काम तेजी से चल रहा है और कई प्रखंडों में जमीन का चयन भी कर लिया गया है।

इस योजना को लेकर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार भी उच्चस्तरीय बैठक कर चुके हैं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

नए डिग्री कॉलेजों के लिए अलग बजट का प्रावधान

उच्च शिक्षा विभाग के बजट में नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना के लिए अलग से राशि का प्रावधान किया गया है। साथ ही राज्य के 55 उच्च शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने के लिए भी पर्याप्त बजट रखा गया है। इसके तहत उच्च शिक्षा बजट में करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

नए डिग्री कॉलेजों में विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय की पढ़ाई की पूरी व्यवस्था होगी। इसके अलावा चुनिंदा वोकेशनल कोर्स के लिए अलग विभाग खोलने का भी प्रस्ताव है, ताकि छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा की बेहतर सुविधा मिल सके। प्रत्येक वोकेशनल विभाग में एक प्रोफेसर और दो सहायक प्रोफेसर की तैनाती की जाएगी।