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Sunday, February 8, 2026

बिहार में जमीन रजिस्ट्री का 'बजट' बिगड़ा-1 अप्रैल से 400% तक बढ़ सकती हैं दरें.

कोशी लाइव/बिहार में अपना घर बनाने या जमीन खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर है। राज्य सरकार ने लगभग एक दशक के लंबे अंतराल के बाद 'न्यूनतम मूल्यांकन रजिस्टर' (MVR) की दरों में ऐतिहासिक संशोधन करने का निर्णय लिया है।

नए प्रस्तावों के अनुसार, आगामी 1 अप्रैल 2026 से जमीन और मकान की सरकारी कीमतों में तीन से चार गुना (लगभग 400%) तक का उछाल आ सकता है।

एक दशक बाद हो रहा है बड़ा बदलाव
राज्य सरकार के इस कड़े फैसले के पीछे मुख्य कारण पुराने रेट्स और मौजूदा बाजार मूल्य के बीच का भारी अंतर है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष 2013 और शहरी क्षेत्रों में वर्ष 2016 के बाद से एमवीआर (MVR) दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इस लंबे अंतराल के कारण सरकारी दरें बाजार मूल्य के मुकाबले बेहद कम रह गई थीं, जिससे सरकार को राजस्व की भारी हानि हो रही थी।

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बाजार मूल्य और सरकारी दर का अंतर (उदाहरण)
वर्तमान में सरकारी आंकड़े और वास्तविक बाजार भाव के बीच की खाई को इस प्रकार समझा जा सकता है:

व्यावसायिक संपत्ति: वर्तमान सरकारी मूल्य ₹1,492 प्रति वर्ग फीट है, जबकि बाजार में इसकी कीमत ₹5,000 से ₹6,000 तक पहुँच चुकी है।

आवासीय संपत्ति: सरकारी दर औसतन ₹800-1,000 प्रति वर्ग फीट है, जबकि वास्तविक सौदे ₹3,000 से ₹5,000 प्रति वर्ग फीट पर हो रहे हैं।

राजस्व और विकास को मिलेगी गति
सरकार का तर्क है कि दरों को बाजार मूल्य के करीब लाने से न केवल राजस्व संग्रहण में वृद्धि होगी, बल्कि पारदिर्शता भी आएगी। इससे नगर निकायों को वित्तीय मजबूती मिलेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर आधारभूत संरचना (Infrastructure) और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही, सरकारी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन (Land Acquisition) की प्रक्रिया भी आसान होगी क्योंकि किसानों और जमीन मालिकों को उचित मुआवजा मिल सकेगा।

तैयारियां अंतिम चरण में
प्रशासन ने इस बदलाव की रूपरेखा तैयार कर ली है। अकेले पूर्णिया जिले के सभी 2,768 राजस्व ग्रामों में एमवीआर रिवीजन का कार्य पूरा हो चुका है। विभाग ने प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेज दिया है और इसे विभागीय स्वीकृति मिलने की अंतिम प्रक्रिया जारी है। ऐसे में जो लोग निवेश की योजना बना रहे हैं, उनके पास 31 मार्च तक का ही समय है, क्योंकि 1 अप्रैल से रजिस्ट्री के लिए जेब काफी ढीली करनी होगी।