मधेपुरा में 22 साल पहले क्रिकेट खेलने के दौरान हुए विवाद में मारपीट से एक व्यक्ति की मौत के मामले में अदालत ने शनिवार को फैसला सुनाया। मुरलीगंज थाना क्षेत्र के दिग्घी निवासी सुरेश यादव को एडीजे-9 रघुवीर प्रसाद की अदालत ने दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
इस मामले में शामिल अन्य अभियुक्त राधा यादव, सचेन यादव, सलेन यादव, राजीव यादव, साजी यादव और जगदीश यादव को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा दी गई है। सभी पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
13 गवाहों का कराया गया परीक्षण
सहायक लोक अभियोजक जयनारायण पंडित ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 13 गवाहों का परीक्षण कराया गया। सभी पक्षों की दलीलें सुनने और अंतिम सुनवाई के बाद अदालत ने सुरेश यादव को मुख्य आरोपी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई, जबकि अन्य अभियुक्तों को सहयोगी के रूप में दोषी पाया गया।
घटना 13 मार्च 2004 की है। दोपहर करीब दो बजे सूचक भ्रमर कुमार झा घर के पास क्रिकेट खेलते समय गेंद सुरेश यादव के दरवाजे पर चली गई। गेंद वापस मांगने के लिए भ्रमर का छोटा भाई अंकित झा वहां गया, इसी बात को लेकर सुरेश यादव ने उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज शुरू कर दी।
मारपीट में बाद शख्स की हुई थी हत्या
मारपीट की जानकारी मिलने पर भ्रमर झा के पिता बीच-बचाव के लिए पहुंचे। इसी दौरान अन्य अभियुक्त लाठी, गड़ासा और अन्य हथियार लेकर वहां पहुंच गए और भ्रमर झा के पिता पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से वे बेहोश होकर गिर पड़े। आरोप है कि गिरने के बाद भी उन पर हमला किया जाता रहा, जिससे पूरे शरीर में गंभीर चोटें आई।
बीच-बचाव करने आए भ्रमर झा के चाचा, चचेरे भाई और अन्य ग्रामीणों के साथ भी मारपीट की गई। ग्रामीणों के जुटने पर मामला शांत हुआ। इलाज के दौरान वीर नारायण झा की मौत हो गई थी। आरोप था कि सभी अभियुक्तों ने जान मारने की नीयत से घातक हथियारों से हमला किया था। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों को दोषी ठहराया।