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पत्नी व डेढ़ साल की बेटी की नृशंस हत्या का दोषी करार, आरोपी मो. जिब्राइल को उम्रकैद व 35 हजार जुर्माना
पूरी खबर:
मधेपुरा/श्रीनगर। चार साल पूर्व पत्नी और डेढ़ साल की मासूम बेटी की गला काटकर नृशंस हत्या करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे-4 के न्यायाधीश धीरेन्द्र कुमार राय की अदालत ने श्रीनगर थाना क्षेत्र के पोखरिया निवासी मो. जिब्राइल को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
यह मामला मृतका के भाई सदर प्रखंड के मछबकरा वार्ड संख्या-9 निवासी मो. सोनू द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी से जुड़ा है। मो. सोनू ने अपनी बहन मुर्शिदा खातून और भांजी जूही (उर्फ जिया परवीन) की हत्या का आरोप अपने जीजा मो. जिब्राइल पर लगाया था। प्राथमिकी के अनुसार, मुर्शिदा खातून की शादी पोखरिया निवासी मो. जिब्राइल से हुई थी। शादी के बाद से ही आरोपी पति द्वारा लगातार मारपीट की जाती थी, जिससे तंग आकर मुर्शिदा खातून मायके मछबकरा आ गई थी।
21 जुलाई 2022 को मो. जिब्राइल अपनी पत्नी को लेने मायके पहुंचा, लेकिन परिवार वालों ने उसे भेजने से मना कर दिया। इसके बाद काफी जिद और पंचायत के माध्यम से पांच लोगों की मौजूदगी में समझौता हुआ, जिसके बाद मुर्शिदा खातून को ससुराल भेज दिया गया।
इसी वर्ष 6 अगस्त 2022 की सुबह करीब छह बजे गांव के कुछ लोग शौच के लिए निकले तो उन्होंने पास के पुल पर एक सिर कटी महिला की लाश देखी। ग्रामीणों ने पहचान कर परिजनों को सूचना दी। जब परिजन पोखरिया पहुंचे तो देखा कि मुर्शिदा खातून का सिर धड़ से अलग था और शरीर खून से लथपथ पड़ा था। वहीं घर के अंदर डेढ़ साल की मासूम जिया परवीन का भी सिर कटा हुआ टेबल पर रखा था। चारों ओर खून फैला हुआ था। इसके बाद स्थानीय पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
पूरे मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 9 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान तथा दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मो. जिब्राइल को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
इस फैसले से क्षेत्र में न्याय की उम्मीद जगी है और लोगों ने इसे जघन्य अपराध के खिलाफ सख्त संदेश बताया है।