Kosi Live-कोशी लाइव BIHAR:अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, मां-बेटे गिरफ्तार; कारतूस समेत हथियार बरामद - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Tuesday, January 20, 2026

BIHAR:अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, मां-बेटे गिरफ्तार; कारतूस समेत हथियार बरामद

आरा। भोजपुर पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। तियर थाना क्षेत्र के उतरदाहां गांव में संचालित एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन करते हुए पुलिस ने संचालक समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपितों में एक महिला भी शामिल है, जो अपने बेटे के साथ मिलकर इस अवैध धंधे का संचालन कर रही थी। इसकी जानकारी मंगलवार को एसपी राज ने दी। गिरफ्तार आरोपितों में धनजी शर्मा एवं उसकी मां प्रभावती देवी शामिल है।

इसे लेकर पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत नामजद प्राथमिकी की है। पुलिस ने दो देसी कट्टा एवं छह अर्धनिर्मित कट्टा समेत उपकरण बरामद किया है। एसपी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि उतरदाहां गावं निवासी धनजी शर्मा के घर में मिनी गन फैक्ट्री का संचालन हो रहा है। जिसके आधार पर टीम गठित कर तियर थाना पुलिस ने घर में छापेमारी कर मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया।

छापेमारी के दौरान मौके से निर्मित और अर्धनिर्मित अवैध हथियारों का जखीरा बरामद किया गया। इसमें दो देसी कट्टा, छह अर्धनिर्मित कट्टा, दो खोखा, एक पिलेट, एक कारतूस , एक विद्युत ड्रिल मशीन (मोटर), एक साइकिल सहित हथियार बनाने में प्रयुक्त भारी मात्रा में पुर्जे और अन्य उपकरण शामिल हैं।

पहले पिता और अब बेटा करने लगा था हथियार निर्माण का काम

एसपी के अनुसार गिरफ्तार आरोपित की पहचान धनजी शर्मा, पिता स्व. मुनीलाल शर्मा, ग्राम उतरदाहां, थाना तियर, जिला भोजपुर के रूप में की गई है। उसका पिता भी पहले अवैध हथियार निर्माण के धंधे में संलिप्त रहा था। करीब चार-पांच साल पहले उसके पिता की मौत हो गई है।

वहीं, आरोपित के साथ उसकी मां प्रभावती देवी को भी गिरफ्तार किया गया है। थानाध्यक्ष राजीव रंजन का कहना है कि दोनों मिलकर लंबे समय से अवैध हथियार निर्माण के धंधे में संलिप्त थे।

अवैध हथियार खरीदारों का भी सामने आया नाम, तलाश तेज

एसपी ने बताया कि पकड़े गए संचालक धनजी शर्मा से पूछताछ में पांच- छह खरीदारों के नाम भी सामने आए है। पुलिस दोनों आरोपितों से और पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि तैयार हथियारों की सप्लाई किन-किन इलाकों में की जाती थी तथा इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।