बिहार के गोपालगंज जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बरौली अंचल के राजस्व पदाधिकारी (RO) विजय सिंह को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। आरोपी अधिकारी पर सरकारी कार्य के बदले अवैध धन की मांग करने का आरोप है, जिसके बाद पटना से आई निगरानी टीम ने जाल बिछाकर उन्हें उनके कार्यालय परिसर के पास से ही दबोच लिया।
दाखिल-खारिज के बदले मांगी थी ₹10,000 की रिश्वत
मामले की जड़ में जमीन का एक लंबित कार्य था। जानकारी के मुताबिक, बघैची गांव के निवासी शैलेंद्र कुमार अपनी 9.9 डिसमिल जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के लिए अंचल कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। आरोप है कि इस काम को करने के एवज में राजस्व पदाधिकारी विजय सिंह ने उनसे ₹10,000 की रिश्वत मांगी थी। काफी मान-मनुहार के बाद रिश्वत की यह राशि ₹6,000 तय की गई। रिश्वत की मांग से परेशान होकर पीड़ित ने इसकी लिखित शिकायत निगरानी विभाग के पटना स्थित मुख्यालय में दर्ज कराई थी।
निगरानी विभाग का ट्रैप और रंगे हाथ गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने गुप्त रूप से मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक नागेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष 'ट्रैप टीम' का गठन किया गया। योजनाबद्ध तरीके से आज जैसे ही शैलेंद्र कुमार ने तय की गई ₹6,000 की राशि राजस्व पदाधिकारी विजय सिंह को सौंपी, पहले से घात लगाकर बैठी निगरानी टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने उनके पास से रिश्वत की वह राशि भी बरामद कर ली है, जिसे साक्ष्य के तौर पर जब्त किया गया है।
प्रशासनिक महकमे में हड़कंप और कानूनी कार्रवाई
निगरानी विभाग की इस अचानक कार्रवाई से बरौली अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया और कई कर्मचारी मौके से खिसकते नजर आए। पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर निगरानी थाना ले जाया जा रहा है, जहाँ उनसे सघन पूछताछ की जाएगी और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। निगरानी विभाग ने इस कार्रवाई के जरिए एक कड़ा संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और जनहित के कार्यों में बाधा डालने वालों पर नकेल कसी जाती रहेगी।