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जनता दरबार में बड़ा एक्शन: डिप्टी CM विजय सिन्हा ने CO को मंच से किया सस्पेंड, जमीन विवाद और रिश्वत के आरोप
पूरी खबर:
गयाजी। डिप्टी मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने गयाजी में आयोजित जनता दरबार के दौरान भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए आमस अंचल के अंचलाधिकारी (CO) को मंच से ही सस्पेंड करने का निर्देश दिया। यह कार्रवाई जमीन विवाद और रिश्वत लेने के गंभीर आरोप सामने आने के बाद की गई।
शेरघाटी निवासी जितेंद्र कुमार ने जनता दरबार में शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि आमस के CO ने उनकी जमीन से जुड़े मामले के निपटारे के लिए 25 हजार रुपये की रिश्वत ली। उन्होंने यह भी बताया कि शंकर सिंह द्वारा फर्जी दस्तावेजों के सहारे उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
मंच के पास हुआ हंगामा
शिकायत सुनते ही आरोपी पक्ष से जुड़े शंकर सिंह का बेटा रामाधार सिंह दर्शक दीर्घा से उठकर मंच के पास पहुंच गया और तेज आवाज में अपनी बात रखने लगा। स्थिति बिगड़ती देख डिप्टी मुख्यमंत्री ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उसे कार्यक्रम स्थल से बाहर निकालने का आदेश दिया। इसके बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लिया।
“आज की समस्या का आज समाधान”
डिप्टी मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने साफ कहा कि जनता दरबार केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि समस्याओं के त्वरित समाधान का मंच है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही और भ्रष्टाचार की कीमत सिर्फ उन्हें ही नहीं, बल्कि उनके परिवार को भी चुकानी पड़ सकती है।
खुद को बताया “डॉक्टर”
अपने सख्त फैसले को सही ठहराते हुए विजय सिन्हा ने कहा कि वे डॉक्टर की तरह बीमारी देखकर इलाज करते हैं। गलत दवा देने से रिएक्शन होता है, इसलिए हर मामले में सोच-समझकर निर्णय लिया जाता है।
अफसरों के व्यवहार पर पहले भी उठा है विवाद
गौरतलब है कि हाल ही में बिहार राजस्व सेवा संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जनता दरबार में अधिकारियों के अपमान का आरोप लगाया था। संघ ने चेतावनी दी थी कि यदि यह सिलसिला जारी रहा तो कार्य बहिष्कार जैसा कदम उठाया जा सकता है।
जनता दरबार में CO के निलंबन की कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है, वहीं आम लोगों ने इस कदम को भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश बताया है।