पटना/बिहार, 13 जनवरी 2026 — बिहार सरकार और परिवहन विभाग ने हाई-टेक तकनीक के ज़रिए ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। राज्य के सबसे व्यस्त चौराहों और जाम वाले इलाकों पर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सक्षम कैमरों को स्थापित करने का फैसला लिया गया है, जिससे ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ अब स्वचालित (ऑटोमैटिक) चालान जारी होगा। �
सोमवार को परिवहन विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि
• राज्यभर में प्रमुख चौराहों पर AI कैमरों का नेटवर्क बनाया जाएगा,
• जो किसी भी वाहन द्वारा नियम तोड़ने की हर गतिविधि को पहचानकर चालान भेज सकेगा,
• और सिग्नल उल्लंघन, हेलमेट न पहनना, ओवरस्पीडिंग सहित अन्य ट्रैफिक उल्लंघनों पर तुरंत कार्रवाई करेगा। �
इन स्मार्ट कैमरों का मकसद है
✔ ट्रैफिक अपराधों पर निगरानी बढ़ाना,
✔ वाहनों और चालकों की पहचान करना (ANPR जैसे सिस्टम),
✔ और चालान को सीधे वाहन मालिक के पते पर भेजना ताकि नियम तोड़ने वालों को तुरंत सूचना मिले। �
बताया गया है कि पहले चरण में पटना, मुज़फ़्फरपुर, भागलपुर, बिहारशरीफ़ जैसे स्मार्ट शहरों में इन सिस्टम की स्थापना होगी, जहां पहले से ANPR और स्पीड कैमरों के ज़रिए चालान जारी किये जा रहे हैं। �
इस पहल का उद्देश्य है
🔹 सड़क सुरक्षा में सुधार,
🔹 दुर्घटनाओं में कमी लाना,
🔹 और ट्रैफिक नियमों के पालन को मजबूती से लागू करना। �
विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाएगी और ट्रैफिक पुलिस का बोझ कम करेगी, लेकिन सार्वजनिक जागरूकता और नियम पालन भी समान रूप से जरूरी होगा। �