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सुपौल में भावुक विदाई: 16 वर्षों बाद प्रधानाध्यापिका के स्थानांतरण पर बच्चों और अभिभावकों की आंखें नम
पूरी खबर :
सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड अंतर्गत लक्ष्मीपुर पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय यादव राम टोला नरहैया में सोमवार को एक भावुक दृश्य देखने को मिला। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कंचन कुमारी के अंतरजिला स्थानांतरण की खबर मिलते ही, विद्यालय बंद रहने के बावजूद बच्चे और अभिभावक बड़ी संख्या में विद्यालय पहुंच गए और अपनी प्रिय शिक्षिका से मिलने लगे। इस दौरान बच्चे, अभिभावक और शिक्षक-शिक्षिकाएं एक-दूसरे के गले लगकर रोते नजर आए, जिससे पूरे विद्यालय परिसर का माहौल गमगीन हो गया।
जानकारी के अनुसार प्रधानाध्यापिका कंचन कुमारी ने वर्ष 2010 में इस विद्यालय में योगदान दिया था। शुरुआती दौर में एक वर्ष बाद तक वह अकेली शिक्षिका के रूप में कार्यरत रहीं और वर्ष 2014 तक अपनी लगन और मेहनत से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को पटरी पर लाया। इसके बाद विद्यालय में अन्य शिक्षक भी आए, लेकिन उनकी लोकप्रियता बच्चों और अभिभावकों के बीच लगातार बनी रही।
विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष रामचंद्र राम ने बताया कि प्रधानाध्यापिका कंचन कुमारी ने 16 वर्षों तक पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। उनके कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए न केवल बच्चे और अभिभावक, बल्कि शिक्षक-शिक्षिकाएं भी भावुक हो उठीं।
बताया गया कि कंचन कुमारी का स्थानांतरण मधेपुरा जिले के घेलाढ़ प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय भान में हुआ है, जहां वह मंगलवार को अपना योगदान देंगी। उनकी विदाई पर सभी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।