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दारोगा परीक्षा में सेटिंग-गेटिंग का भंडाफोड़, सहरसा पुलिस की बड़ी कार्रवाई; महिला समेत आधा दर्जन हिरासत में, 20 लाख का सौदा उजागर
सहरसा।
प्रतियोगी परीक्षाओं में सेटिंग-गेटिंग बिहार के लिए कोई नई बात नहीं रही है, लेकिन सहरसा पुलिस ने दारोगा भर्ती परीक्षा से पहले ही ऐसे ही एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश कर दिया। बुधवार को आयोजित दारोगा परीक्षा में गड़बड़ी की पूरी तैयारी थी, लेकिन परीक्षा से पहले ही पुलिस ने महिला समेत आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पूरे मामले की पोल खोल दी।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार को सूचना मिली थी कि बाहर से कुछ बदमाश जिले में किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए जमा हो रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस सतर्क हो गई और गश्त तेज कर दी गई। इसी दौरान सहरसा–बनगांव पथ पर एक स्कॉर्पियो वाहन को शक के आधार पर रोका गया। वाहन पर सवार चार युवकों से पूछताछ शुरू की गई, लेकिन सभी युवक अलग-अलग बयान देने लगे।
सख्ती से पूछताछ करने पर युवकों ने बताया कि वे दारोगा परीक्षा देने के लिए पूर्णिया जा रहे थे। इस बात से पुलिस का संदेह और गहरा गया और चारों युवकों के साथ वाहन चालक को भी हिरासत में ले लिया गया। थाने लाकर पूछताछ में खुलासा हुआ कि इन युवकों को दारोगा परीक्षा पास कराने के लिए प्रश्न-उत्तर उपलब्ध कराए जाने थे और उसी के लिए वे जा रहे थे।
20 लाख रुपये में हुआ था सौदा
पकड़े गए युवकों ने बताया कि दारोगा परीक्षा पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी 20 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। सभी अभ्यर्थियों को बनगांव थाना क्षेत्र के रहुआ मणि के पास इकट्ठा किया गया था, जहां से उन्हें किसी अन्य स्थान पर ले जाकर प्रश्न-उत्तर दिए जाने थे। हालांकि युवकों को यह नहीं पता था कि अंतिम ठिकाना कहां है।
दौलत कुमार निकला किंगपिन
पूछताछ में इस पूरे रैकेट के सरगना के रूप में बनमा इटहरी थाना क्षेत्र के सरबेला महारस निवासी रमानंद ठाकुर उर्फ दौलत कुमार का नाम सामने आया। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दौलत कुमार की पत्नी भी बुधवार को आयोजित दारोगा परीक्षा में शामिल हुई थी। पुलिस ने उसे परीक्षा केंद्र के बाहर से हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके बैग से कई चेक और परीक्षार्थियों से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए गए।
पुलिस बल में तैनात है पत्नी, भाई और साला भी दे चुके हैं परीक्षा
जांच में यह भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि रैकेट का सरगना दौलत कुमार की पत्नी मुंगेर जिला पुलिस बल में सिपाही के पद पर तैनात है। वहीं, दौलत का भाई 18 जनवरी को मुंगेर जिले में हुई दारोगा परीक्षा में शामिल हो चुका है, जबकि उसका साला बुधवार को मधेपुरा में आयोजित परीक्षा में बैठा था।
फिलहाल सहरसा पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। पूछताछ के आधार पर रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और भी गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।